जरुरी जानकारी | गूगल मामला: सीसीआई ने कहा जुर्माना राशि ‘अस्थायी’ है, अपेक्षित विवरण का इंतजार

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की तरफ से गूगल पर लगाया गया 1,337.68 करोड़ रुपये का जुर्माना अभी ‘अस्थायी’ है। नियामक ने कंपनी से अपेक्षित वित्तीय विवरण जमा करने के लिए कहा है, क्योंकि डेटा भरोसेमंद रूप में पेश नहीं किया गया था।

सीसीआई ने गूगल पर 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण क्षेत्र में कई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर यह कार्रवाई की गई।

इसके अलावा, सीसीआई ने गूगल को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को बंद करने का निर्देश भी दिया है। सीसीआई ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।

गूगल पर लगाया गया 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना, पिछले तीन वित्त वर्षों 2018-19, 2019-2020 और 2020-21 के प्रासंगिक कारोबार के औसत का 10 प्रतिशत है।

सीसीआई के अनुसार गूगल ने 11 अक्टूबर 2022 को पेश किए गए वित्तीय आंकड़ों में 17 दिसंबर 2021 की तुलना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।

नियामक द्वारा बृहस्पतिवार के जारी किए गए आदेश के अनुसार यह डेटा अभी भी कई चेतावनियों, अस्वीकरणों, मान्यताओं आदि के अधीन है।

सीसीआई ने शुक्रवार को सार्वजनिक किए गए आदेश में कहा, ''आयोग ने गूगल द्वारा पेश किए गए विभिन्न डेटा में इस तरह की स्पष्ट विसंगतियों और व्यापक अस्वीकरणों को गंभीरता से लिया है। आयोग ने यह पाया कि भारी संसाधनों के बावजूद गूगल आयोग द्वारा मांगे गए तरीके से डेटा देने में विफल रहा है।''

आदेश के अनुसार वित्त वर्ष 2021-21 के लिए विभिन्न खंडों के कुल राजस्व का योग, इसी वित्त वर्ष के लिए गूगल के कुल कारोबार से अधिक है।

आदेश में आगे कहा गया, ''इस तरह एक रूढ़िवादी नजरिया अपनाते हुए आयोग ने कम राजस्व डेटा को लेना का फैसला किया, जैसा कि गूगल ने दिनांक 11.10.2022 को दंड की मात्रा की गणना के लिए प्रासंगिक कारोबार के बारे में जानकारी दी थी।''

नियामक ने अपने 293 पेज के आदेश में कहा कि उपरोक्त जुर्माना राशि ''अनंतिम है और गूगल द्वारा अपेक्षित वित्तीय विवरण और सहायक दस्तावेज पेश करने के संबंध में किए गए संशोधनों के अधीन है।''

आयोग ने गूगल से आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर जरूरी कार्रवाई करने को कहा है।

नियामक ने कहा, ''यह स्पष्ट किया जाता है कि दंड निर्धारण का आधार यानी प्रासंगिक कारोबार के साथ ही उसका उचित प्रतिशत इस आदेश के जरिए पहले ही तय किया जा चुका है।''

आदेश में आगे कहा गया, ''हालांकि, गूगल द्वारा पेश किए जाने वाले राजस्व डेटा के आधार पर जुर्माने की वास्तविक मात्रा में संशोधन किया जा सकता है... वर्तमान जुर्माना अनंतिम है।''

गुगल ने शुक्रवार को कहा कि वह सीसीआई के आदेश की समीक्षा करेगी। साथ ही कंपनी ने इस फैसले को भारतीय ग्राहकों के लिये एक बड़ा झटका बताया।

सीसीआई के आदेश के बाद अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में गूगल ने कहा कि एंड्रायड ने सभी के लिए अधिक विकल्प बनाए हैं और यह ऐप भारत तथा दुनिया भर में हजारों सफल व्यवसायों का समर्थन करता है।

गूगल के प्रवक्ता ने एक ईमेल बयान में कहा, ''सीसीआई का फैसला भारतीय उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे एंड्रायड की सुरक्षा सुविधाओं पर भरोसा करने वाले भारतीयों के लिए एक गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा होगा और भारतीयों के लिए मोबाइल उपकरणों की लागत बढ़ेगी।''

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