नयी दिल्ली, पांच सितंबर कोरोना वायरस महामारी की वजह से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट परियोजना के पूरा होने में देरी की आशंकाओं पर रेलवे ने शनिवार को कहा कि इस परियोजना में अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन इसके पूरा होने की वास्तविक समय सीमा का अगले तीन से छह महीने में पता चलेगा, जब भूमि अधिग्रहण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के यादव ने कहा कि गुजरात में 82 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण हो चुका है जबकि महाराष्ट्र में केवल 23 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण हुआ है ।
यादव ने कहा कि बुलेट ट्रेन जैसी बड़ी परियोजना में काम तब शुरू हो सकता है, जब निश्चित मात्रा में जमीन उपलब्ध हो।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अगले तीन से छह महीने में हम उस बिंदु पर पहुंच पाएंगे। डिजाइन तैयार है और हम आगे बढ़ने वाले हैं। यह सच है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण निविदा और भूमि अधिग्रहण में कुछ देरी हुई है लेकिन मैं कह सकता हूं कि परियोजना में अच्छी प्रगति हुई है।’’
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कोविड-19 की स्थिति सुधरने पर हम निविदा प्रक्रिया शुरू करेंगे और अगले तीन से छह महीने में जमीन अधिग्रहण का काम कर पाएंगे। इसके बाद हम परियोजना के पूरा होने की वास्तविक समय सीमा प्रदान कर पाएंगे ।’’
यादव का बयान कोरोना वायरस महामारी के कारण भूमि अधिग्रहण में देरी के चलते मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के 2023 में पूरा होने पर संशय पैदा होने की खबर के संदर्भ में आया है।
इससे पहले, अधिकारियों ने बताया था कि महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी जैसे इलाकों में अभी भी भूमि अधिग्रहण में कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल कंपनी ने लोक निर्माण की नौ निविदाएं आमंत्रित की थीं, लेकिन इन्हें कोरोना वायरस महामारी के कारण खोला नहीं जा सका।
कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अचल खरे ने कहा, ‘‘कोविड के कारण हमें कुछ निविदाओं को खोलना स्थगित करना पड़ा। अभी परियोजना पर महामारी के प्रभाव का आकलन करना मुश्किल है क्योंकि यह (महामारी) अभी चल रही है। हम अभी यह नहीं कह सकते हैं कि महामारी परियोजना को कैसे प्रभावित करेगी क्योंकि मुझे नहीं पता है कि यह कब तक चलेगी।’’
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन, परियोजना के लिए आवश्यक भूमि में से 63 प्रतिशत का अधिग्रहण कर चुकी है। इसमें से 77 प्रतिशत जमीन गुजरात में, 80 प्रतिशत दादरा एवं नागर हवेली में और 22 प्रतिशत जमीन महाराष्ट्र में है।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन की 508 किलोमीटर लाइन में से 345 किलोमीटर के निर्माण (करीब 68 प्रतिशत) के लिए टेंडर दिए जा चुके हैं।
आशीष दिलीप
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