पणजी, 19 सितंबर बम्बई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने 2009 में मडगांव में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में उन सभी आरोपियों को बरी करने संबंधी विशेष अदालत के आदेश को शनिवार को बरकरार रखा, जिनके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
एनआईए के अनुसार, आरोप पत्र में जिन लोगों का नाम था, उनके दक्षिण पंथी हिंदू संगठनों से कथित संबंध थे।
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दीपावली की पूर्व संध्या पर उस साल 16 अक्टूबर को हुए बम विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई थी।
पुलिस ने उस समय कहा था कि ये दोनों बम लेकर जा रहे थे, तभी उसमें विस्फोट हो गया।
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एनआईए के वकील प्रवीण फलदेसाई ने शनिवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि न्यायमूर्ति एम एस सोनाक और न्यायमूर्ति एम एस जावलकर की पीठ ने संदेह का लाभ देते हुए विनय तालेकर, धनंजय अश्तेकर, प्रशांत अश्तेकर, विनायक पाटिल, प्रशांत जुवेकर और दिलीप मजगांवकर को बरी कर दिया।
विशेष अदालत ने आरोपियों को 2013 में बरी कर दिया था, जिसके बाद एनआईए उच्च न्यायालय पहुंची थी।
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