बेंगलुरू/गाजियाबाद, 24 जून ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी को राहत देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को गाजियाबाद पुलिस को उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू करने से रोक दिया। गाजियाबाद पुलिस ने एक मुस्लिम बुजुर्ग व्यक्ति पर हमले की जांच के सिलसिले में उन्हें तलब किया है।
न्यायमूर्ति जी नरेंद्र की एकल पीठ ने कहा कि पुलिस डिजिटल तरीके से माहेश्वरी से पूछताछ कर सकती है। पीठ ने कहा, "अगर पुलिस याचिकाकर्ता (मनीष माहेश्वरी) से पूछताछ करना चाहती है, तो वे डिजिटल तरीके से ऐसा कर सकते हैं।"
अदालत ने कहा, "अगर इस मामले में विचार करने की आवश्यकता है, तो हम इसे 29 जून के लिए सूचीबद्ध करते हैं। इस बीच प्रतिवादियों पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई शुरू करने से रोक है।"
पीठ ने कहा, "याचिकाकर्ता का यह कहना है कि उन्होंने डिजिटल तरीके से शामिल होने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस का जवाब दिया है। प्रतिवादी (गाजियाबाद पुलिस) ने अनुरोध पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया और धारा 41 (ए) के तहत नोटिस जारी कर आरोपी की श्रेणी में डाल दिया।’’
माहेश्वरी की ओर से पेश वकील सी वी नागेश ने कहा कि किसी ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक मुस्लिम को 'जय श्री राम' और 'वंदे मातरम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया था तथा मना करने पर उनकी दाढ़ी काट दी गयी।
उन्होंने कहा कि इसके बाद माहेश्वरी को सीआरपीसी की धारा 161 के तहत ईमेल से नोटिस जारी किया गया। इसके जवाब में वह पेश होने के लिए वस्तुतः तैयार हैं। उन्होंने अदालत से कहा कि जल्दी ही पुलिस ने धारा 41 (ए) के तहत नोटिस जारी कर उन्हें बेंगलुरू से गाजियाबाद की यात्रा कर 24 घंटे के भीतर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिये कहा जो माहेश्वरी के लिए संभव नहीं था।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ट्विटर कम्युनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी हैं जो मार्केटिंग और बिक्री से जुड़ा है तथा वह निदेशक मंडल के सदस्य नहीं है जो उस कथित वीडियो को अपलोड करने के लिए जिम्मेदार है जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक बेंगलुरु में रहते हैं और गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें 21 जून को नोटिस जारी किया था तथा मामले में अपना बयान दर्ज करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह 10.30 बजे लोनी बॉर्डर थाने में रिपोर्ट करने के लिए कहा था।
गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने इससे पहले पीटीआई- से कहा, ''वह (माहेश्वरी) आज नहीं आ रहे हैं।’’ पाठक ने कहा कि गाजियाबाद पुलिस को पता चला है कि ट्विटर इंडिया के एमडी ने इस मामले के संबंध में कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और उस पर फैसला लंबित है।
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