जरुरी जानकारी | जीडीआर गड़बड़ी: सेबी ने दो लोगों पर लगाया 1.2 करोड़ रुपये का जुर्माना

नयी दिल्ली, एक जुलाई बाजार नियामक सेबी ने ग्लोबल डिपोजिटरी रिसीट (जीडीआर) में गड़बड़ी को लेकर बेकॉन्स इंडस्ट्रीज लि. के दो निदेशकों पर कुल 1.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक आदेश में गुरमीत सिंह पर एक करोड़ रुपये और आई एस सुखीजा पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

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नियमों के उल्लंघन के समय सिंह बेकोन्स के प्रबंध निदेशक थे जबकि सुखीजा गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक थे।

सेबी ने बेकॉन्स द्वारा जारी जीडीआर की जांच की। जांच का ममकसद यह पता लगाना था कि जीडीआर के तहत जो शेयर जारी किये गये थे, क्या उसे सही तरीके से जारी किया गया था और क्या सूचीबद्धता समझौते के तहत कंपनी जीडीआर के सदंर्भ में खुलासा नियमों का पालन किया गया था।

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जांच एक जून से 30 जून 2010की अवधि की थी।

नियामक ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने ऋण समझौता और ‘एकाउंट चार्ज’ समझौता के जरिये धोखाधड़ी कर जीडीआर जारी किया।

सेबी के अनुसार बेकॉन्स के निदेशकों...सिंह और सुखीजा...ने निदेशक मंडल के प्रस्ताव को मंजूरी दी और ईयूआरएएम बैंक को कंपनी की वहां जमा जीडीआर राशि को कर्ज से जुड़े जमानत के रूप में उपयोग के लिये अधिकृत किया। इस संदर्भ में सिंह ने समझौता किया।

नियामक ने कहा कि दोनों निदेशकों ने धोखाधड़ी कर जीडीआर के अभिदान को लेकर व्यवस्था की। उन्होंने इस रूप से काम किया जो गलत था और निवेशकों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला था।

सेबी ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होकर उन्हें धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार गतिविधियां निषेध नियमों का उल्लंघन किया है।

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