बेंगलुरु, 26 जुलाई गैंगस्टर रवि पुजारी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अर्जी देकर उन मामलों की सुनवाई शीघ्र कराने का अनुरोध किया है जिनके आधार पर तीन साल से अधिक समय पहले उसे अफ्रीकी देश सेनेगल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
रवि पुजारी उर्फ रविप्रकाश ने यह दावा भी किया है कि प्रत्यर्पण आदेश में उल्लेखित मुकदमों से इतर मामलों में उसे आरोपी बनाना सेनेगल की अदालत के आदेश का उल्लंघन है जिसने उसे भारत को प्रत्यर्पित करने की अनुमति दी थी।
उसने अपनी याचिका में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता के खिलाफ लंबित मामलों में कोई प्रगति नहीं होने की वजह प्रतिवादी बेहतर ढंग से जानते होंगे लेकिन इससे याचिकाकर्ता को मानसिक तनाव और अपमान का सामना करना पड़ा है तथा यह मानसिक उत्पीड़न जैसा है।’’
याचिका में कहा गया, ‘‘ भले याचिकाकर्ता के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कई मामले लंबित हों लेकिन उसके खिलाफ केवल उन्हीं मामलों में सुनवाई हो सकती है जिनका उल्लेख प्रत्यर्पण आदेश में है। प्रत्यर्पण आदेश से इतर मामलों में याचिकाकर्ता से पूछताछ और सुनवाई प्रत्यर्पण आदेश के उल्लंघन जैसा है।’’
न्यायमूर्ति कृष्ण ए दीक्षित की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया और सुनवाई स्थगित कर दी।
अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या आरोपी अन्य अपराधिक मामलों में भी वांछित है जिनका उल्लेख प्रत्यर्पण आदेश में नहीं है।
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