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गेल ने कहा, दूरसंचार विभाग का 1.83 लाख करोड़ रुपये की बकाया मांग का नोटिस कानूनी तौर पर वैध नहीं

दूरसंचार विभाग ने 1.83 लाख करोड़ रुपये के बकाये को लेकर गेल इंडिया लिमिटेड को नोटिस भेजा है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस बारे में कंपनी से पूछा है कि उसने इस नोटिस के बारे में शेयर बाजारों को क्यों नही बताया। कंपनी ने सेबी के इसी सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की।

गेल ने कहा, दूरसंचार विभाग का 1.83 लाख करोड़ रुपये की बकाया मांग का नोटिस कानूनी तौर पर वैध नहीं
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नयी दिल्ली, आठ मई सरकारी कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड ने बाजार नियामक सेबी को बताया है कि वह 1.83 लाख करोड़ रुपये के पुराने बकाये को लेकर दूरसंचार विभाग (डीओटी) से मिले मांग के नोटिस को वह ऐसा महत्वपूर्ण नहीं मानती है, जिसके बारे में शेयर बाजारों को जानकारी दी जाये क्योंकि पहले ही आकलन में इस राशि को भुगतान के योग्य नहीं माना गया है।

दूरसंचार विभाग ने 1.83 लाख करोड़ रुपये के बकाये को लेकर गेल इंडिया लिमिटेड को नोटिस भेजा है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस बारे में कंपनी से पूछा है कि उसने इस नोटिस के बारे में शेयर बाजारों को क्यों नही बताया। कंपनी ने सेबी के इसी सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की।

गेल ने छह मई को कहा कि दूरसंचार विभाग की यह मांग कानूनी तौर पर वैध नहीं है।

कंपनी ने शेयर बाजार को सेबी के साथ हुए सवाल-जवाब की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘प्राथमिक मूल्यांकन के आदेशों में मूल्यांकित की गयी राशि देय नहीं है। चूंकि यह कंपनी द्वारा लिये गये आईपी-दो लाइसेंस के नियमों और शर्तों से संबंधित मामला नहीं है, अत: यह कानूनी रूप से भी देय नहीं है।"

गेल ने कहा कि इसने दूरसंचार विभाग के प्राथमिक मूल्यांकन के आदेशों का खंडन किया है और इसकी वापसी की मांग की है। अत: प्राथमिक आदेशों के प्राप्त होने की घटना इस लायक नहीं है कि इसके जानकारी देने योग्य माना जाये।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2020 09:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).