जरुरी जानकारी | गडकरी ने बांस क्षेत्र के लिये व्यापक नीति बनाने का सुझाव दिया

नयी दिल्ली, पांच नवंबर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को बांस के संसाधनों का अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने उत्तर पूर्वी क्षेत्र (डोनर) के विकास के लिये व्यापक ‘बांस नीति’ तैयार करने की भी बात की।

उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांस उत्पादन, प्रसंस्करण और रख रखाव को अधिक प्रोत्साहन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह बांस आधारित उद्योग के विकास में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

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गडकरी के पास सड़क परिवहन मंत्रालय भी है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों को पानी और रेल या सड़क जैसी अधिक लागत-कुशल माध्यम चुनने सहित लागत को नीचे लाने के लिये विभिन्न तरीकों व विधियों का उपयोग करने को कहा।

उन्होंने जानकारी दी कि ब्रह्मपुत्र नदी के तीन मीटर के ड्रेजिंग से माल परिवहन के लिये जलमार्ग का उपयोग करना संभव हो गया है। उत्तर पूर्व से आने वाले बांस और बांस के उत्पादों के लिये परिवहन लागत में कमी लाने में नदी परिवहन का उपयोग करना बहुत आसान होगा।

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उच्च उपज देने वाली बांस की किस्मों के उत्पादन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, औद्योगिक उपयोग के लिये बांस की उपज कुछ किस्मों के लगभग 40 टन प्रति एकड़ के बजाय 200 टन प्रति एकड़ होनी चाहिये। बांस की अधिक उपज और व्यापक उपयोग से विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में अधिक रोजगार सृजन होगा।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "गडकरी ने डोनर मंत्रालय से एक व्यापक 'बांस नीति' बनाने के लिये कहा, क्योंकि उत्तर पूर्व में ज्यादातर बांस का उत्पादन होता है।"

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