ताजा खबरें | देश से फलों का निर्यात पांच साल में 47 प्रतिशत बढ़ा : सरकार

नयी दिल्ली, 28 मार्च सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले पांच साल में देश से फलों के निर्यात में 47.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से भी निर्यात को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि समझौतों के बाद संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया को फलों के निर्यात में क्रमशः 27 प्रतिशत और छह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

प्रसाद ने कहा, ‘‘जहां तक ​​फलों के निर्यात का सवाल है, पिछले पांच साल में इसमें 47.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख फलों में आम, अंगूर, केला, सेब, अनानास, अनार और तरबूज शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि सरकार निर्यात के माध्यम से हमारे फलों और खाद्य आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।’’

मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है कि हमारे उत्पादों और फलों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो और कीटनाशक का स्तर बहुत कम हो।

उन्होंने कहा भारत से निर्यात किया जाने वाला कोई भी उत्पाद ‘ब्रांड इंडिया’ होता है और विदेशों में भेजे जाने वाले अपने उत्पादों और फलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

प्रसाद ने कहा कि फलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं, लेकिन बहुत सुधार हुआ है और आपूर्ति श्रृंखला की कमियों को दूर किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम फलों के निर्यात के लिए नए बाजार तलाश रहे हैं। मुक्त व्यापार समझौते से यूएई को निर्यात बढ़ाने में मदद मिली है और फलों के निर्यात में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है वहीं ऑस्ट्रेलिया को फलों के निर्यात में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सरकार के अनुसार, ताजे फलों के मामले में गहन निर्यात संवर्धन उपायों के परिणामस्वरूप, 2019-20 से 2023-24 की अवधि में इनका निर्यात मूल्य के संदर्भ में 47 प्रतिशत बढ़कर 66.87 करोड़ अमेरिकी डॉलर से 98.63 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया। मात्रा के संदर्भ में यह 69 प्रतिशत बढ़कर 7.55 लाख मीट्रिक टन से 12.76 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)