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डीजल महंगा होने से फल-सब्जी की कीमतों पर असर, अभी और बढ़ सकती है महंगाई

ईंधन की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत ऊंची होने के चलते दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों में फल-सब्जी की कीमतों में इस सप्ताह और वृद्धि हुई.

डीजल महंगा होने से फल-सब्जी की कीमतों पर असर, अभी और बढ़ सकती है महंगाई
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: PTI)

नयी दिल्ली, 30 जून: ईंधन की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत ऊंची होने के चलते दिल्ली के थोक और खुदरा बाजारों में फल-सब्जी की कीमतों में इस सप्ताह और वृद्धि हुई. व्यापारियों ने बुधवार को यह भी कहा कि हालांकि, फल-सब्जी की कीमतें इस समय ज्यादा ऊंची नहीं हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि यदि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले हफ्तों में ये खाद्य वस्तुएं महंगी हो सकती हैं. LPG Price Hike: आम जनता पर महंगाई की मार, राहुल गांधी बोले- सिर्फ जुमलों का ही गिरा भाव.

राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को पेट्रोल 98.81 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत 89.18 रुपये प्रति लीटर है. दिल्ली की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी के थोक सब्जी और फल व्यापारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि थोक और खुदरा सब्जियों और फलों के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है.

उन्होंने कहा, ‘‘प्याज की थोक कीमतें अब 23-25 ​​रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में हैं, जबकि इस मौसम में सामान्यत: भाव 16-20 रुपये रहता है. इसी तरह, अनार, जो महाराष्ट्र से आता है, उसकी कीमत लगभग 70-90 रुपये प्रति किलोग्राम है जो आम तौर पर इस समय लगभग 60-80 रुपये में बिकता है.’’

व्यापारी ने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए परिवहन लागत में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया. शर्मा ने कहा कि अब जबकि डीजल की दरें दिल्ली में लगभग 90 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, ट्रांसपोर्टरों ने अपनी फीस में संशोधन किया है.

ओखला मंडी के एक थोक व्यापारी हाजी यामीन ने प्याज, टमाटर और आलू जैसी प्रमुख सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की. यामीन ने कहा, ‘‘प्याज और टमाटर मुख्य रूप से महाराष्ट्र से दिल्ली आते हैं जबकि आलू शिमला और उत्तर प्रदेश से आते हैं. चूंकि डीजल की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है, इसलिए इसने परिवहन लागत भी बढ़ा दी है.

एक अन्य कारक जो इस बढ़ोतरी में योगदान दे रहा है वह ये है कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण ट्रक ड्राइवरों द्वारा अपेक्षाकृत लंबी दूरी तय करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि ओखला मंडी में प्याज का थोक भाव 25-27 रुपये प्रति किलो है जबकि टमाटर 20-22 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

यामीन ने कहा, ‘‘सामान्य तौर पर, प्याज, टमाटर और आलू की थोक कीमतें क्रमशः 15-18 रुपये प्रति किलो, 12-16 रुपये प्रति किलो और 8-10 रुपये प्रति किलो के बीच होती थीं. आम तौर पर, अगर किसी सब्जी की थोक दरें पांच रुपये प्रति किलो तक बढ़ जाती हैं तो उससे सब्जी की खुदरा कीमत में 10-12 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हो जाती है.’’

हालांकि, उन्होंने कहा कि आम जैसे मौसमी फलों पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का ज्यादा असर नहीं पड़ा क्योंकि वे खराब होने वाली वस्तुएं हैं और हरियाणा और उ.प्र. जैसे कम दूरी वाली जगहों से आते हैं.

दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश मार्केट के एक खुदरा सब्जी विक्रेता सुबोध मंडल ने कहा, ''प्याज, टमाटर, आलू के दाम थोड़े बढ़ने लगे हैं. यह ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण है. .'

उपभोक्ता भी सब्जियों के दाम बढ़ने की शिकायत कर रहे हैं.

लाजपत नगर निवासी दीपक रस्तोगी ने कहा, ‘‘आज (बुधवार) मैंने प्याज 52 रुपये प्रति किलोग्राम और टमाटर 42 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर खरीदा. ये बढ़ी हुई दरें हैं क्योंकि लगभग एक पखवाड़े पहले मैंने ये सब्जियां क्रमशः 45 रुपये प्रति किलोग्राम और 35 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदी थीं.’’

उन्होंने कहा कि, हालांकि बढ़ोतरी बहुत अधिक नहीं है, लेकिन अगर ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले हफ्तों में सब्जियां महंगी हो सकती हैं.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2021 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).