नयी दिल्ली, 21 अगस्त मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च तिमाही में भारी बिकवाली करने के बाद विदेशी निवेशकों ने जून तिमाही के दौरान आकर्षक मू्ल्यांकन के चलते भारतीय इक्विटी में करीब चार अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि लॉकडाउन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों में राहत देने और आर्थिक गतिविधियों को बहाल करने के सरकारी उपायों के चलते विदेशी निवेशकों की घारणा मबजूत हुई।
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भारतीय इक्विटी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की परिसंपत्तियों में भी जून तिमाही के दौरान तेजी से बढ़ोतरी हुई, जबकि इससे पिछले तिमाही के दौरान इसमें भारी गिरावट आई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक जून 2020 को खत्म हुई तिमाही के दौरान भारतीय शेयर बाजार में एफपीआई के निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक जून 2020 के अंत में भारतीय इक्विटी में एफपीआई निवेश लगभग 344 अरब अमरीकी डॉलर था, जो इससे पिछली तिमाही के 281 अरब डॉलर के मुकाबले 23 प्रतिशत अधिक है।
मॉर्निंगस्टार की रिपोर्ट के अनुसार जून तिमाही के दौरान एफपीआई ने भारतीय इक्विटी बाजारों में 3.91 अरब डालर की शुद्ध खरीदारी की, जबकि इससे पिछली तिमाही के दौरान उन्होंने 6.38 अरब डॉलर की शुद्ध बिकवाली की थी।
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