पटना, 17 अगस्त बिहार मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए जदयू के पूर्व नेता श्याम रजक सोमवार को अपनी पुरानी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो गए।
पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राजद उपाध्याक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, जगदानंद सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में रजक राजद में शामिल हुए।
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उल्लेखनीय है कि इन अटकलों के बीच कि रजक मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और राजद में शामिल हो सकते हैं, रविवार को रजक को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के साथ ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें छह साल के लिए जदयू से निष्कासित कर दिया गया था।
सूत्रों ने कहा कि पटना जिले के फुलवारीशरीफ से विधायक रजक को आशंका थी कि साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू द्वारा उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता है।
रजक नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री थे। वह प्रदेश की पूर्व राजद सरकार में भी मंत्री रहे थे।
रजक लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली पार्टी राजद छोड़कर 2009 में जदयू में शामिल हो गए थे।
रजक ने राजद में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ''मैंने कभी भी सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, जो हमने अपने नेता लालू प्रसाद से सीखा था।''
उन्होंने कहा, “यह जानकर काफी हास्यास्पद लगा कि मुझे कल रात 10 मिनट के भीतर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। मैं पार्टी के राष्ट्रीय परिषद का सदस्य रहा हूं और चुनाव के दौरान अपने पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार का प्रस्तावक भी था लेकिन उन्होंने पार्टी के संविधान के प्रावधानों का पालन किए बिना मुझे 10 मिनट के भीतर निष्कासित कर दिया। उस पार्टी का क्या होगा जो अपने संविधान का पालन नहीं करती है।”
वहीं, राजद नेता तेजस्वी ने रजक का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि “वह घर आ रहे हैं। हम खुश हैं। वे सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों में विश्वास करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया, “तथाकथित दोहरे इंजन वाली राज्य सरकार में जनप्रतिनिधियों की सुनने वाला कोई नहीं है। नौकरशाही का बोलबाल है। राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और बेरोजगारी बढ़ रही है।”
इस बीच, रजक राजद में शामिल होने पर विभिन्न दलों ने प्रतिक्रिया दी है।
हाल के दिनों में जदयू के खिलाफ मुखर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख और जमुई के सांसद चिराग पासवान ने रजक को निकाले जाने को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है।
पासवान ने ट्वीट कर कहा, ''श्याम रजक जी का राजग से जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।''
पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा, “रजक पांच साल तक मंत्री रहे और अब वे राजद में शामिल हो गए हैं। यदि वह (रजक) इस राय के थे कि नीतीश कुमार अनुसूचित जाति विरोधी हैं, तो उन्हें (रजक) बहुत पहले इस्तीफा देना चाहिए था। उन्होंने चुनाव के समय फैसला क्यों लिया?''
सूचना और जनसंपर्क मंत्री और जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, ''वे उस व्यक्ति (तेजस्वी) के पास जा रहे हैं जिस पर धारा 420 का आरोप है और जिस पार्टी के सुप्रीमो (लालू) को धारा 420 के तहत दोषी ठहराया गया है।''
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