शिमला, एक जुलाई देश के सबसे लोकप्रिय पर्वतीय क्षेत्रों में से एक शिमला पैदल यात्रियों के अनुकूल पर्यटन स्थल में तब्दील हो रहा है, जहां 'स्मार्ट सिटी मिशन' के तहत इसकी सड़कों को चौड़ा और कई पैदल मार्गों का निर्माण किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला पहाड़ियों से घिरी हुई है, जहां हाल में मुख्य रूप से सर्कुलर रोड के साथ 20 किलोमीटर से अधिक लंबे पैदल पथों के नेटवर्क का निर्माण किया गया है।
शिमला स्मार्ट सिटी लिमिटेड (एसएससीएल) के अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मदद के लिए शहर में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता राजीव जैन ने कहा, ‘‘ स्मार्ट सिटी मिशन की विभिन्न योजनाओं के तहत शिमला में लोगों की सुविधाओं के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें भीड़ कम करने और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए पैदल यात्री मार्गों और पार्किंग सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।’’
एसएससीएल के अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने 2.19 करोड़ रुपये की लागत से सर्कुलर रोड पर ‘होटल हॉलिडे होम’ से बेम्लो चौक तक 1.8 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण किया है और इस क्षेत्र में सड़क को चौड़ा करने तथा दीवार के निर्माण पर 1.31 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च किया है।
नवबहार में सेंट बेडेस कॉलेज को संजौली चौक से जोड़ने वाला दो किलोमीटर लंबा मार्ग बेहद मनोरम है।
जयपुर से शिमला घूमने आए पर्यटक रमेश नारायण ने कहा, ‘‘ किसी भी वाहन से टकराने के डर के बिना, इतनी प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक सुरक्षित मार्ग पर चलना एक अद्भुत अनुभव है।’’
एसएससीएल ने कहा कि 'स्मार्ट सिटी मिशन' में नवबहार से प्रसिद्ध जाखू मंदिर तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा करने और संजौली चौक को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज से जोड़ने वाला एक अन्य मार्ग भी शामिल है।
शहरी निकाय ने विकास नगर और सचिवालय के बीच आवागमन के लिए 600 मीटर लंबे स्काईवॉक, फुट ओवरब्रिज और तीन लिफ्ट के संयोजन पर भी विचार किया है। विकास नगर में 150 वाहन क्षमता वाली छह मंजिला पार्किंग भी निर्माणाधीन है।
एसएससीएल के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लिफ्ट, फुट ओवरब्रिज और स्काईवॉक पर काम पूरा होने के बाद, विकास नगर और सचिवालय के बीच की दूरी केवल 15 मिनट में तय की जाएगी, जिसमें अब कार से लगभग आधे घंटे का समय लगता है। इससे पार्किंग सुविधा से सचिवालय क्षेत्र में यातायात को कम करने में भी मदद मिलेगी।’’
एसएससीएल के महाप्रबंधक अजीत भारद्वाज ने कहा कि शिमला में 709 करोड़ रुपये की लागत से कुल 209 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर काम जारी है।
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