जरुरी जानकारी | खाद्य मुद्रास्फीति अब भी चिंता का विषय, मानसून की कमी के कारण अनिश्चितता : नेस्ले इंडिया के सीएमडी

नयी दिल्ली, 31 अगस्त शिशु आहार, चॉकलेट, कॉफी, दुग्ध उत्पाद आदि बनाने वाली नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुरेश नारायण ने बृहस्पतिवार को कहा कि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार के उपायों के बावजूद खाने के सामान की महंगाई चिंता का कारण बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन प्रभाव के लिये जिंसों के दाम में उतार-चढ़ाव पर नजर रखने की जरूरत है।

नारायणन ने मीडिया से बातचीत में यहां कहा कि अब मानसून में 30 प्रतिशत की कमी की बात साफ है। इस कारण बुवाई अच्छी होने के बावजूद खरीफ फसल पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अल नीनो का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, ऐसे हमें अब भी खाद्य मुद्रास्फीति पर नजर रखनी होगी।

नारायणन ने कहा, “खाद्य मुद्रास्फीति के मामले में दबाव बना रहेगा। सरकार द्वारा उठाए जाने वाले विभिन्न कदमों से कुल मुद्रास्फीति कम हो जाएगी, लेकिन खाद्य मुद्रास्फीति अब भी चिंता का कारण बनी हुई है।”

उन्होंने हालांकि कहा, “तुरंत कहें तो, मैं यह नहीं कहूंगा कि जिंसों की कीमतों के मामले में कुछ चिंताजनक हो रहा है। लेकिन हमें इस क्षेत्र पर नजर रखनी होगी और देखना होगा कि यह कैसे विकसित होता है।’’

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