कोलिम्पोंग/नयी दिल्ली, 30 जुलाई पद्मश्री से सम्मानित लोक संगीतकार सोनम शेरिंग लेपचा का बढ़ती उम्र संबंधी परेशानियों के कारण बृहस्पतिवार को कालिम्पोंग में निधन हो गया।
पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 92 वर्ष के थे। उनके परिवार में दो पत्नियां और बच्चे हैं।
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जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कह लेपचा का निधन बढ़ती उम्र के कारण होने वाली दिक्कतों से आज सुबह कालिम्पोंग में हुआ। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेपचा के निधन पर शोक व्यक्त किया और लेपचा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान को याद किया।
मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘पद्मश्री सोनम शेरिंग लेपचा जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने महान लेपचा संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिए सतत रूप से उत्कृष्ट प्रयास किए।’’
उन्होंने कहा कि लेपचा की अनगिनत उत्कृष्ट रचनाओं का सम्मान पीढ़ी दर पीढ़ी किया जाता रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके निधन से व्यथित हूं। उनके निकट परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’
लेपचा का जन्म 1928 में कालिम्पोंग में हुआ और उन्होंने एक सैनिक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
उन्होंने सिक्किम में कोने-कोने की यात्रा कर भारतीय लोक संगीत और परंपरागत लेपचा गीतों का संकलन तैयार किया। 1960 में वह आकाशवाणी पर लोक संगीत बजाते थे।
लेपचा को 2007 में कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया गया था।
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