देश की खबरें | बिना समय लिये पांच शिक्षिकाएं ममता से मिलने पहुंचीं, सुरक्षाकर्मियों ने हटाया

कोलकाता, 29 मई पांच ‘बेदाग’ शिक्षिकाएं बृहस्पतिवार को यहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने उनके आवास पर गयीं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया, क्योंकि उन्होंने मुलाकात का समय नहीं ले रखा था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

ये वे शिक्षिकाएं हैं, जो 2016 एसएससी परीक्षा में उनकी भर्ती को शीर्ष अदालत द्वारा अमान्य करार दिये जाने के बाद अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं।

ये पांचों शिक्षिकाएं ‘डिजर्विंग टीचर्स राइट फोरम से जुड़ी हैं। इस फोरम में 1,000 से अधिक शिक्षक हैं, जो पिछले 22 दिनों से राज्य के शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने धरना दे रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि 2016 की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें फिर से नयी भर्ती प्रक्रिया में बैठने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

जैसे ही ये शिक्षिकाएं अचानक मुख्यमंत्री के आवास के सामने पहुंच गयीं और उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलना चाहा, प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने यह कहते हुए उन्हें वहां से चले जाने को कहा कि मुलाकात का पहले से समय लिए बिना मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया जाएगा।

ये अध्यापिकाएं मुख्यमंत्री आवास से जाने को तैयार नहीं थीं, इसलिए मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें कालीघाट पुलिस थाने ले जाकर छोड़ दिया।

ये पांच अध्यापिकाएं शिल्पी चक्रवर्ती, नूर अमीना गुलशन, संगीता साहा, साहनी नाजनीन और रूपा करमाकर हैं।

गुलशन ने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहे थे, उम्मीद है कि वह समझ सकेंगी कि हम किस दौर से गुजर रहे हैं। लेकिन हमें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।’’

बनर्जी ने पहले घोषणा की थी कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए 40,000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए एसएससी की अधिसूचना 30 मई तक जारी की जाएगी, जिसमें अमान्य कर दी गयी लगभग 26,000 नौकरियां भी शामिल हैं। ऐसा 2016 के उम्मीदवारों के लिए 31 मई तक नई भर्ती प्रक्रिया अधिसूचना जारी करने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार होगा।

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