नयी दिल्ली, 17 सितंबर संसद के पांच दिवसीय सत्र से पहले, रविवार को सरकार द्वारा आहूत सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा कि "जनता के मुद्दों" पर चर्चा के लिए एक दिन निर्धारित किया जाना चाहिए।
सूत्रों ने कहा कि सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले आयोजित बैठक में तृणमूल कांग्रेस के सुझाव का अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन किया।
सूत्रों के अनुसार, टीएमसी ने सुझाव दिया कि जिन तीन दिनों के लिए सरकारी कामकाज सूचीबद्ध है, उनमें से एक दिन बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि जैसे "जनता के मुद्दों" पर चर्चा के लिए समर्पित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अर्थव्यवस्था और राज्यों के बकाया भुगतान पर भी चर्चा का सुझाव दिया।
सूत्रों ने कहा कि टीएमसी के सुझावों का अन्य विपक्षी दलों ने समर्थन किया, लेकिन बैठक में सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी।
लोकसभा में सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को बैठक की अध्यक्षता की।
विपक्षी दलों ने संसद सत्र के लिए सरकार के एजेंडे पर सवाल उठाए हैं।
सोमवार को 75 साल के संसदीय सफर पर चर्चा होगी और मंगलवार को संसद की कार्यवाही नयी इमारत में स्थानांतरित होनी है।
सत्र के अगले तीन दिन सरकारी कामकाज के लिए समर्पित हैं, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पद की अवधि को विनियमित करने के लिए एक विधेयक शामिल है।
विपक्षी दलों ने विधेयक को संविधान विरोधी और लोकतंत्र विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया है।
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