नयी दिल्ली, 27 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसकी पांच पीठ क्रमिक आधार पर (रोटेशन) एक सितंबर से मामलों की भौतिक रूप से सुनवाई शुरू करेगी और इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गयी है।
कोरोना वायरस महामारी के कारण उच्च न्यायालय 24 मार्च से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई कर रहा है। अदालत ने कहा कि शेष पीठ डिजिटल तरीके से मामलों की सुनवाई करती रहेगी।
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रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन द्वारा जारी एक कार्यालय आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय में भौतिक कामकाज फिर से शुरू करने के संबंध में विचार करते हुए अदालत के कामकाज के स्थगन को 30 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि एक से 30 सितंबर तक उच्च न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध सभी लंबित मामलों को क्रमशः तीन नवंबर से सात दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।
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एसओपी के अनुसार सुनवाई में भाग लेने के लिए अदालत खंड में प्रति पक्ष केवल एक अधिवक्ता को प्रवेश दिया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अभिजात ने एसओपी के हवाले से पुष्टि की है कि किसी भी जूनियर, इंटर्न या वकीलों से संबद्ध छात्रों के अलावा वादियों के किसी संबंधी और गैर-पंजीकृत क्लर्कों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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