Petrol Price Today, March 26, 2026: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच राहत; दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में आज क्या हैं पेट्रोल के दाम? देखें पूरी लिस्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Petrol Price Today, March 26, 2026: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) और कच्चे तेल (Crude Oil)  की वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. गुरुवार, 26 मार्च 2026 को देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में पेट्रोल की कीमतें (Petrol Rates) स्थिर बनी हुई हैं. तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) (OMCs) ने खुदरा ईंधन दरों में कोई संशोधन नहीं करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है. यह भी पढ़ें: Petrol Price Today, March 25, 2026: वैश्विक तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत, पेट्रोल की कीमतें स्थिर; जानें दिल्ली-मुंबई समेत अन्य बड़े शहरों के आज के ताज़ा रेट

महानगरों का हाल: मुंबई सबसे महंगा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल आज ₹94.77 प्रति लीटर पर बिक रहा है. वहीं, मुंबई अभी भी सबसे महंगे महानगरों में शुमार है, जहाँ पेट्रोल की कीमत ₹103.54 प्रति लीटर है. चेन्नई और कोलकाता जैसे अन्य शहरों में भी कीमतें 100 रुपये के आंकड़े के पार बनी हुई हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इनमें कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है.

प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल दाम (26 मार्च, 2026)

शहर पेट्रोल की कीमत (INR/लीटर)
हैदराबाद 107.46
कोलकाता 105.41
जोधपुर 105.28
जयपुर 104.69
पुणे 104.04
मुंबई 103.54
बेंगलुरु 102.99
चेन्नई 100.80
श्रीनगर 100.64
गुरुग्राम 95.51
नोएडा 94.88
दिल्ली 94.77
गाजियाबाद 94.70
लखनऊ 94.69
अहमदाबाद 94.49

क्यों नहीं बढ़ रहे दाम?

इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी कंपनियां वर्तमान में 'कैलिब्रेटेड प्राइसिंग स्ट्रेटजी' का पालन कर रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का बोझ तुरंत उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय, ये कंपनियां अल्पकालिक अस्थिरता को स्वयं वहन कर रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पहले के मार्जिन का उपयोग करके कंपनियां खुदरा दरों को स्थिर रखने में सफल हो रही हैं.

कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

भारत में पेट्रोल की कीमतें मुख्य रूप से कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय लागत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, माल ढुलाई शुल्क और सरकारी करों पर निर्भर करती हैं. वर्तमान में रुपया दबाव में है, जिससे आयात लागत बढ़ गई है. इसके अलावा, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और अलग-अलग राज्यों के वैट (VAT) के कारण ही हैदराबाद, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिलता है.