मालदीव में फंसे 700 भारतीयों को लेकर लौटा पहला जहाज, ब्रिटेन से विमान से लौटे 300 से ज्यादा भारतीय
पोर्ट ट्रस्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘मालदीव से लाए गए 698 लोगों का पहला समूह आज (रविवार) सुबह साढ़े नौ बजे भारतीय नौसेना के पोत ‘आईएनएस जलाश्व’ से कोचीन बंदरगाह पहुंचा।’’
कोच्चि/मुंबई/नयी दिल्ली, 10 मई कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण अलग-अलग देशों में फंसे भारतीयों को निकालने की केंद्र सरकार की पहल के तहत मालदीव से करीब 700 भारतीयों को लेकर नौसेना का पहला पोत रविवार को कोचीन बंदरगाह पहुंचा, जबकि एक अन्य पोत अन्य यात्रियों की वापसी के लिये माले पहुंच चुका है। वंदे भारत मिशन के चौथे दिन एअर इंडिया ने भी फंसे हुए भारतीयों की वतन वापसी के लिये करीब एक दर्जन उड़ानों का संचालन किया।
पोर्ट ट्रस्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘मालदीव से लाए गए 698 लोगों का पहला समूह आज (रविवार) सुबह साढ़े नौ बजे भारतीय नौसेना के पोत ‘आईएनएस जलाश्व’ से कोचीन बंदरगाह पहुंचा।’’
इस समूह में 595 पुरुष और 103 महिलाएं हैं। इनमें से 10 साल से कम आयु के 14 बच्चे और 19 गर्भवती महिलाएं हैं।
पोत से आए यात्रियों में से 440 केरल से हैं जबकि 187 तमिलनाडु तथा चार दिल्ली के रहने वाले हैं। अन्य यात्री 17 अन्य राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों से हैं।
इसी के साथ ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ के नाम से शुरू किये गए अभियान के तहत मालदीव में फंसे लगभग 200 भारतीयों को वापस लाने के लिये एक अन्य नौसैनिक पोत ‘आईएनएस मगर’ भी रविवार को माले पहुंच गया।
पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 के लक्षणों वाले यात्रियों को आईएनएस जलाश्व से पहले उतारा गया और इसके बाद छोटे-छोटे समूहों में अन्य लोगों को जिले-वार उतारा गया। उन्होंने कहा कि यात्रियों के सामानों को भी सैनिटाइज किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि टर्मिलन के अंदर ही सीमाशुल्क एवं आव्रजन प्रक्रियाएं पूरी की गयीं जहां बीएसएनएल द्वारा सिमकार्ड वितरित करने और यात्रियों के फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल करने का इंतजाम किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार ने यात्रियों की अस्पताल, पृथक-वास केंद्र या घर पर पृथक-वास के लिये आगे की यात्रा का प्रबंध किया था और इसके लिये एंबुलेंस, राज्य परिवहन की बसें और टैक्सियों को लगाया गया था।
वहीं लंदन और सिंगापुर से एअर इंडिया की दो उड़ानों के जरिये 572 भारतीय रविवार सुबह मुंबई पहुंचे।
ब्रिटेन में फंसे 329 भारतीय नागरिक एअर इंडिया के विमान से मुंबई पहुंचे।
महाराष्ट्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि इन यात्रियों में से जो लोग मुंबई के हैं, उन्हें हवाईअड्डे के पास स्थित होटलों में अनिवार्य रूप से पृथक-वास में रखा गया है जबकि अन्य शहरों के यात्रियों को उनके स्थानों पर ले जाया गया और उन्हें भी पृथक-वास के उद्देश्य से अधिग्रहीत किये गए होटलों में रखा जाएगा।
वहीं अमेरिका में फंसे भारतीयों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पहली उड़ान सैन फ्रांसिस्को से मुंबई और हैदराबाद के लिए शनिवार को रवाना हुई। यह उड़ान सोमवार सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचेंगी।
एअर इंडिया की नौ मई से भारतीय नागरिकों की वतन वापसी के लिए अमेरिका से भारत के लिए सात उड़ानें संचालित करने की योजना है।
एअर इंडिया की उड़ान न्यूजर्सी में नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारतीय नागरिकों को लेकर मुंबई और अहमदाबाद के लिए रविवार को रवाना होगी।
नेवार्क से 14 मई को दिल्ली और हैदराबाद के लिए एक अन्य उड़ान रवाना होगी। विमान में सवार होने से पहले सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच होगी और उन्हीं लोगों को यात्रा की इजाजत होगी जिनमें लक्षण नजर नहीं आएंगे।
भारत पहुंचने पर सभी यात्रियों की चिकित्सा जांच की जाएगी और उन्हें आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा तथा उस पर पंजीकरण कराना होगा।
सभी यात्रियों को भारत पहुंचने पर अनिवार्य रूप से 14 दिन तक पृथक केंद्रों में भारत सरकार द्वारा तय मानकों के मुताबिक भुगतान कर रहना होगा।
न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक वतन वापसी की कवायद और समन्वय एक “लगातार चलने वाला अथक कार्य” है और अधिकारी “यह सुनिश्चित करने के लिये हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि कोई भी सीट खाली न जाए क्योंकि” विभिन्न कारणों से बड़ी संख्या में भारतीय विदेशों में फंसे हैं और वे घर वापसी के लिये “बेताब” हैं।
प्राथमिकता फंसे हुए यात्रियों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे लोगों और छात्रों को दी जा रही है।
न्यूजर्सी से दो उड़ानों के अलावा शिकागों से भी दो उड़ान 11 और 15 मई को रवाना होगीं।
वाशिंगटन डीसी से एक मात्र उड़ान 12 मई को दिल्ली और हैदराबाद के लिये रवाना होगी।
विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी के पहले चरण की शुरुआत सात मई को हुई थी और यह 15 मई को खत्म होगा। इसके तहत कुल 64 उड़ानों का संचालन होगा जो 12 देशों से करीब 15 हजार भारतीयों को लेकर लौटेंगी। ये उड़ाने भारत में 15 हवाई अड्डों पर उतरेंगी।
एअर इंडिया की उड़ान भारतीयों को लाने के साथ ही संबंधित देशों के फंसे हुए विदेशियों को भी यहां से लेकर जा रही हैं।
दूसरे चरण में 15 मई से मध्य एशिया और यूरोप के देशों जैसे कजाख्स्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, जर्मनी, स्पेन और थाईलैंड से फंसे हुए भारतीयों को लाया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार तक भारत वापसी के लिये विदेशों में फंसे 67,833 लोग पंजीकरण करा चुके थे इनमें 22,470 छात्र,15,815 प्रवासी कामगार, वीजा खत्म होने का सामना कर रहे 9,250 और चिकित्सा आपातकाल के आधार पर वतन वापसी चाहने वाले 5,531 लोग शामिल हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 09:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

