विदेश की खबरें | फायरफ्लाई एयरोस्पेस नये अल्फा रॉकेट के साथ कक्षा में पहुंचा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फायरफ्लाई एयरोस्पेस के अल्फा रॉकेट ने सुबह के अंधेरे में कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग वायुसेना अड्डा से उड़ान भरी।

फायरफ्लाई ने बाद में ट्वीट किया, ‘‘शत-प्रतिशत मिशन सफल।’’

एक दिन पहले, प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शून्य तक पहुंचने के बावजूद प्रक्षेपण का प्रयास अचानक विफल हो गया। पहले चरण के इंजन प्रज्वलित हुए, लेकिन रॉकेट की उड़ान स्वत: रुक गयी। फायरफ्लाई ने इसके लिए रॉकेट की विद्युत प्रणाली में आई समस्या को जिम्मेदार ठहराया है।

रॉकेट के पेलोड में कई छोटे उपग्रह मौजूद थे, जिन्हें विभिन्न प्रकार के प्रौद्योगिकी प्रयोगों और प्रदर्शनों के साथ-साथ शैक्षिक उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किया गया था।

‘टू द ब्लैक’ नामक यह मिशन छोटे उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में प्रवेश के लिए कंपनी की दूसरी प्रदर्शन उड़ान थी।

पहले अल्फा को दो सितंबर, 2021 को वैंडेनबर्ग से प्रक्षेपित किया गया था, लेकिन वह कक्षा में नहीं पहुंच सका था।

पहले चरण के चार इंजनों में से एक इंजन समय से पहले बंद हो गया, लेकिन तीन इंजनों की वजह से ऊपर की ओर सुपरसोनिक क्षेत्र में चला गया, जहां यह नियंत्रण से बाहर हो गया था।

रॉकेट को तब जानबूझकर एक विस्फोटक उड़ान समाप्ति प्रणाली द्वारा नष्ट कर दिया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)