जम्मू, 30 मई : पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक महिला डॉक्टर की कथित मानहानि, आपराधिक धमकी और अपमान करने के आरोप में आम आदमी पार्टी (आप) की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख और विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. यह प्राथमिकी एक मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि विधायक ने सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल सार्वजनिक रूप से धमकियां देने और उनके खिलाफ अपमानजनक, लैंगिक और अशोभनीय टिप्पणी करने के लिए किया. डॉक्टर ने डोडा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने विधायक पर आपराधिक धमकी देने, लैंगिक दुर्व्यवहार करने और अस्पताल की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया.उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, “गंभीर रूप से परेशान करने वाली घटनाओं की एक श्रृंखला में, मलिक ने सार्वजनिक रूप से धमकियां देने और मेरे खिलाफ अपमानजनक, लैंगिक और अशोभनीय टिप्पणी करने के लिए सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल किया है. ‘घसीटूंगा’ और ‘तुम्हें नंगा कर दूंगा’ जैसे वाक्यांशों का खुलेआम और दुर्भावनापूर्ण तरीके से इस्तेमाल किया गया है.
उन्होंने कहा, “ये महज शब्द नहीं हैं - ये एक सरकारी अस्पताल में सेवारत महिला डॉक्टर के रूप में मेरी गरिमा, सुरक्षा और पेशेवर अखंडता के लिए प्रत्यक्ष खतरे हैं. ये शब्द स्पष्ट रूप से एक महिला लोक सेवक की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, वह भी सोशल मीडिया पर.” शिकायतकर्ता ने पुलिस से उसके इस आरोप का संज्ञान लेने को कहा कि आरोपी ने अपने सोशल मीडिया लाइव वीडियो में शिकायतकर्ता के खिलाफ बार-बार अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. महिला डॉक्टर ने कहा, “इससे भी अधिक पीड़ादायक बात तो उनका यह ताना है - ‘यह अस्पताल तुम्हारे बाप का नहीं है’ - यह कथन न केवल अहंकार दर्शाता है, बल्कि अत्यंत असंवेदनशीलता का भी परिचायक है, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मेरे पिता का निधन 12 वर्ष से अधिक समय पहले हो चुका है.” यह भी पढ़ें : Meerut: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के केपी हॉस्टल में नाईट निरीक्षण के दौरान वार्डन ने छात्रों की पिटाई की, विरोध प्रदर्शन (देखें वीडियो)
इसके अलावा, विधायक ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों के साथ, तथा सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण करते हुए अनधिकृत रूप से प्रसव कक्ष में प्रवेश किया. उन्होंने कहा, “यह मरीजों की निजता का घोर उल्लंघन है, विशेषकर महिला कर्मचारियों और संवेदनशील स्थिति में रहने वाले मरीजों के लिए, तथा यह हमारे अस्पताल की सुरक्षा और नैतिक वातावरण के लिए सीधा खतरा है. उनकी बार-बार की हरकतें स्टाफ और मरीजों दोनों के लिए बेहद परेशान करने वाली हैं.” मलिक पहले भी कथित तौर पर अभद्र के इस्तेमाल को लेकर विवादों में रहे हैं. 17 मार्च 2025 को जम्मू के विशेष आबकारी सचल मजिस्ट्रेट की अदालत ने पूर्व मंत्री गुलाम मोहम्मद सरूरी द्वारा कथित तौर पर गलत बयान देने के लिये दर्ज कराये गये मामले में मलिक के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.













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