नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रोत्साहन पैकेज संबंधी घोषणाओं को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और दावा किया कि इनका कोई नतीजा नहीं निकलेगा और आर्थिक गतिविधियों में किसी तरह की स्थायी गति नहीं आएगी।
पार्टी ने एक बयान में यह आरोप भी लगाया कि वित्त मंत्री की घोषणाओं का मकसद सरकार की नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाना था।
माकपा ने कहा, ‘‘हमारा यह मानना है कि प्रोत्साहन पैकेज का कोई नतीजा नहीं निकलेगा और इससे आर्थिक गतिविधियों को किसी तरह की स्थायी गति नहीं मिलेगी।’’
गौरतलब है कि वित्त मंत्री सीतारमण ने सोमवार को कहा कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये केंद्र सरकार राज्यों को 12,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध करायेगी। कर्ज 50 साल की अवधि का होगा और यह पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च करने के लिये दिया जायेगा।
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उन्होंने इस साल केंद्रीय कर्मचारियों को अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के एवज में नकद वाउचर देने की घोषणा की है। इन वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसे गैर-खाद्य सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है जिनपर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगता है।
वित्त मंत्री के अनुसार, सरकार ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को त्यौहारों के मौके पर 10,000 रुपये का ब्याज मुक्त अग्रिम देने का फैसला भी किया है। उपभोक्ता खर्च बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने की योजना के तहत सरकार ने यह कदम उठाया है।
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