नयी दिल्ली, दो मार्च भारत के भीतर डॉलर के लेनदेन को अमेरिका के रास्ते लाये बिना प्रबंधित करना चाहिए, जिससे हर साल लाखों डॉलर की बचत होगी। सलाहकार अभियंताओं के वैश्विक निकाय एफआईडीआईसी ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास से यह आग्रह किया है।
जिनेवा स्थित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ कंसल्टिंग इंजीनियर्स (एफआईडीआईसी) विश्व स्तर पर परामर्श इंजीनियरिंग उद्योग का प्रतिनिधित्व करता है।
एफआईडीआईसी के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के राजदूत के के कपिला ने दास को लिखे एक पत्र में कहा, ''मैं पूरी तरह से समझ सकता हूं कि भारत के अलावा अन्य देशों के लिए लेनदेन अमेरिका के रास्ते जारी रहना चाहिए, लेकिन हमें देश के भीतर आंतरिक लेनदेन को अमेरिका के रास्ते जारी नहीं रखना चाहिए।''
पत्र में कहा गया कि यदि इसके लिए दोनों देशों (अमेरिका और भारत) के बीच हस्ताक्षरित मौजूदा व्यवस्थाओं में किसी संशोधन की जरूरत हो तो ऐसा किया जाना चाहिए।
पत्र में कहा गया है, ''आइए हम इसमें सुधार करें... नहीं तो हम बहुमूल्य विदेशी मुद्रा गंवाते रहेंगे।''
एफआईडीआईसी ने इस संबंध में तत्काल कार्रवाई की भी मांग की।
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