नयी दिल्ली, 20 मई केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि सरकार सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) के मौजूदा गोदामों के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के लिए लगभग 1,280 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता लाने, दक्षता में सुधार करने और रिसाव को रोकने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि समग्र उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन की दुकानों के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न की आपूर्ति करना है।
यहां एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जोशी ने कहा कि वर्तमान में 2,278 गोदाम हैं, जिनमें स्वामित्व वाले और किराये पर लिए गए गोदाम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अपने गोदामों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन पर 1,000 करोड़ रुपये और सीडब्ल्यूसी 280 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
जोशी ने कहा कि इससे विभिन्न स्तर पर घाटे को कम करके एफसीआई और सीडब्ल्यूसी दोनों को भारी बचत करने में मदद मिलेगी।
सम्मेलन के दौरान जोशी ने कहा कि केंद्र इन गोदामों में प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ये निवेश करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी आपात स्थिति के दौरान खाद्यान्न के भंडारण और वितरण के लिए पूरी तरह तैयार है।
जोशी ने कहा कि सरकार के गोदामों में चावल और गेहूं का पर्याप्त स्टॉक है और खाद्य मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में है।
मंत्री ने कहा कि सरकार देशभर में भंडारण क्षमता भी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 700 लाख टन भंडारण क्षमता बना रहा है।
जोशी ने पीडीएस दक्षता में सुधार के लिए तीन मोबाइल एप्लिकेशन - डिपो दर्पण, अन्न मित्र और अन्न सहायता भी पेश किए।
जोशी ने कहा कि इन तीन ऐप से ‘लीकेज’ को रोकने और बर्बादी को कम करने में मदद मिलेगी।
खाद्यान्नों की खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी एफसीआई अकेले ही सालाना 420 लाख टन खाद्यान्न पहुंचाती है। देश में करीब 5.3 लाख राशन की दुकानें हैं।
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