नासिक (महाराष्ट्र), 16 जनवरी जिले के किसानों ने सोमवार को एक मंत्री के घर के सामने प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि जिले का केंद्रीय सहकारिता बैंक ऋण नहीं चुका पाने वाले लोगों की ज़मीन और गाड़ियों को नीलाम कर रहा है।
‘बिरहाड’ प्रदर्शन में किसानों के परिजनों ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शन स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के प्रमुख राहू शेट्टी की अगुवाई में जिले के प्रभारी मंत्री दादा भूसे के मालेगांव स्थित घर के सामने हुआ। मंत्री शहर में नहीं थे।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि नासिक जिला केंद्रीय सहकारिता (एनडीसीसी) बैंक की चूककर्ताओं की सूची में तकरीबन 60 हजार किसान हैं। बैंक ने कर्ज की वसूली के लिए किसानों की ज़मीन व गाड़ियों की कथित रूप से नीलामी शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि शेट्टी और भूसे की रविवार रात को मुलाकात हुई थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जबतक उन्हें इस तरह की सख्त कार्रवाई को रोकने का आश्वासन नहीं मिल जाता तबतक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
किसानों का कहना है कि एनडीसीसी को ऋण चुकाने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों जैसी एक बार की निपटान की व्यवस्था की पेशकश करनी चाहिए।
भूसे ने कहा कि राज्य सरकार समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एडीसीसी की वसूली प्रक्रिया को हल्का करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने बकाया कर्ज की वसूली के लिए छह से आठ फीसदी ब्याज की किसानों की मांग को मान लिया है।
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