जरुरी जानकारी | गेहूं के आटे के निर्यात की निर्यातोन्मुख इकाइयों को मिली मंजूरी

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर सरकार ने ‘उन्नत प्राधिकार योजना’ के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में स्थित फर्मों एवं निर्यातोन्मुख इकाइयों की तरफ से गेहूं के आटे के निर्यात की शुक्रवार को अनुमति दे दी।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि एसईजेड में स्थित फर्मों और निर्यातोन्मुख इकाइयों को आयातित गेहूं से बनाए गए आटे के निर्यात की अनुमति होगी। हालांकि, घरेलू बाजार से खरीदे गए गेहूं से तैयार आटे का निर्यात नहीं किया जा सकेगा।

गेहूं प्रसंस्करण से जुड़े संगठनों ने सरकार से मांग की थी कि आयातित गेहूं से बने आटे के निर्यात की मंजूरी उन्नत प्राधिकार योजना के तहत दी जाए। इससे मूल्य-वर्द्धित उत्पादों के निर्यात का रास्ता तैयार होने की बात कही गई थी।

उन्नत प्राधिकार योजना के तहत निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होने वाले उत्पादों के शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरी मिलती है। इन उत्पादों को घरेलू बाजार में बिक्री की मंजूरी नहीं होती है।

इसके पहले अगस्त में गेहूं के आटे, मैदा, सूजी और चोकर-युक्त आटे के निर्यात पर रोक लगा दी गई थी। भारत ने गत 13 मई को गेहूं के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था।

इस साल गेहूं की उपज कम रहने और निजी फर्मों की तरफ से खरीद बढ़ने पर दाम बढ़ने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया था।

अप्रैल-जुलाई 2022 के दौरान भारत से गेहूं के आटे का निर्यात एक साल पहले की तुलना में 200 प्रतिशत बढ़ गया था।

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