नयी दिल्ली, 28 नवंबर देश के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर एक विशेषज्ञ समूह मौजूदा स्वास्थ्य सेवा से समझौता किए बिना कोविड-19 टीके के वितरण और टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली तैयार कर रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोविड-19 महामारी ने अनुसंधान प्रयोगशालाओं और उद्योग के बीच तथा उद्योग और समाज के बीच असाधारण सहयोग को प्रोत्साहित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर एक विशेषज्ञ समूह ने टीकों के वितरण और टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को तैयार करने के लिए काफी काम किया है।
विजय राघवन के हवाले से एक बयान में कहा गया, "यह सब मौजूदा स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं से समझौता किए बिना किया जा रहा है, जिसमें हमारे राष्ट्रीय चुनाव, टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़े हमारे सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम के वृहद अनुभव का उपयोग किया जा रहा है।
यह भी पढ़े | महाराष्ट्र में COVID-19 का कहर जारी, एक दिन में 5965 नए केस, 75 ने तोड़ा दम.
राघवन ने 26 नवंबर को ग्लोबल इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी एलायंस (जीआईटीए) के 9वें स्थापना दिवस पर आयोजित डिजिटल कार्यक्रम में यह बात की।
विजयराघवन ने कहा कि विश्व स्तर पर आपूर्ति श्रृंखलाओं के संदर्भ में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘तीन स्तंभ हैं जिन्हें आत्मनिर्भरता की रूपरेखा तैयार करते समय ध्यान में रखने की आवश्यकता है, वह हैं- नीति, विनियमन, क्रियान्वयन और इसे तीव्रता और तालमेल के साथ किए जाने की आवश्यकता।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY