देश की खबरें | वैज्ञानिकों के अत्यधिक प्रयासों से कोविड-19 टीकों को मंजूरी मिलने की दिशा में सफलता मिली: हर्षवर्धन
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नयी दिल्ली, चार जनवरी केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि वैज्ञानिकों के अत्यधिक प्रयासों की वजह से अंतत: भारत में दो कोरोना वायरस टीकों का त्वरित गति से विकास हुआ और उनके इस्तेमाल के लिए मंजूरी प्रदान की गयी।
स्वास्थ्य मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस की नयी जांच से मिनटों में वायरस का पता चल सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कोविड के खिलाफ एक टीके की जरूरत थी। हमारे वैज्ञानिकों के अत्यधिक प्रयासों से अंतत: सफलता मिली। आज दुनिया में अनेक टीकों का विकास किया जा चुका है जिनमें से दो को भारत में त्वरित गति से बनाया गया और मंजूरी प्रदान की गयी।’’
भारत के औषधि महा नियंत्रक (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल को रविवार को मंजूरी दे दी, जिससे व्यापक टीकाकरण अभियान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
हर्षवर्धन राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल) के 75वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत आने वाली एलपीएल देश की सबसे पुरानी प्रयोगशालाओं में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर नेशनल एटमिक टाइमस्केल और भारतीय निर्देशक द्रव्य राष्ट्र को समर्पित किया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 04, 2021 07:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

