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बंगाल उपचुनाव में गिनती से पहले ईवीएम बदले गए

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को दावा किया कि 30 अक्टूबर को राज्य की विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के बाद गिनती से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को बदल दिया गया था. उपचुनाव में राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है.

बंगाल उपचुनाव में गिनती से पहले ईवीएम बदले गए
शुभेंदु अधिकारी (Photo Credits: FB)

कोलकाता, 7 नवंबर: पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (Subhendu Adhikari) ने रविवार को दावा किया कि 30 अक्टूबर को राज्य की विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के बाद गिनती से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को बदल दिया गया था. उपचुनाव में राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ मंदिर के दौरे पर विवाद किया

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कई मतदान केंद्र हैं जहां पर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं व परिवार के सदस्यों की संख्या से भी कम मत मिले.अधिकारी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि ऐसे कैसे हो सकता है?हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे आधारहीन बताया. पार्टी ने कहा कि उपचुनाव निर्वाचन आयोग की देखरेख में और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुए हैं.

अधिकारी ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मतगणना से पहले चार विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम में छेड़छाड़ की गई. अन्यथा, गोसाबा से सुब्रत मंडल और दिनहाटा से उदयन गुहा कैसे इतने भारी अंतर से जीत सकते हैं? मुझे जानकारी मिली है कि बेहला पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जिन ईवीएम का इस्तेमाल इस साल हुए विधानसभा के दौरान हुआ था, उन्हीं मतों की गिनती इस बार गोसाबा में की गई.’’

गौरतलब है कि गुहा ने दिनहाटा उपचुनाव में रिकॉर्ड 1.64 लाख मतों और मंडल ने गोसाबा से 1.43 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की है. तृणमूल कांग्रेस के ही ब्रज किशोर गोस्वामी और सोवनदेब चटोपाध्याय ने भाजपा को क्रमश: शांतिपुर से 64,675 मतों से और खरदाह से 93,832 मतों से हराया.अधिकारी ने उपचुनाव के दौरान धांधली का संकेत करते हुए कहा, ‘‘शांतिपूर्ण कॉलेज मतदान केंद्र में तृणमूल कांग्रेस को 478 मत मिले जबकि भाजपा को केवल आठ मत.

वहां पर भाजपा के कुल 20 भाजपा कार्यकर्ता थे और उनके परिवार के मतदाताओं की संख्या 92 थी. गोसाबा बूथ पर एक नेता के परिवार में आठ मत थे लेकिन भाजपा को केवल एक मत मिला. यह कैसे संभव है?’’तृणमूल कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि आरोपों का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘उपचुनाव निर्वाचन आयोग की निगरानी में हुए. मतों की गणना केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों की कड़ी सुरक्षाा में हुई. अधिकारी भाजपा की नाकामी छिपाने के लिए कहानी बना रहे हैं ताकि विधानसभा चुनाव से पहले तैयार आधार में तेजी से आ रही कमी को रोका जा सके. ’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 07, 2021 11:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).