देश की खबरें | प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान फर्जी मेडिकल दावा मामले में ताजा आरोपपत्र दायर किया

नयी दिल्ली, चार जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जयपुर के एक व्यक्ति के खिलाफ सरकार से 2.65 करोड़ रुपये के फर्जी मेडिकल प्रतिपूर्ति का कथित तौर पर दावा करने को लेकर एक ताजा आरोपपत्र दायर किया है। यह जानकारी एजेंसी ने शनिवार को दी।

एजेंसी ने कहा कि यह मुख्य आरोपी शिव नारायण जोशी और उसके सहयोगियों लोकेश पालीवाल और के एल कुमावत के खिलाफ मामले में दायर एक पूरक अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) है।

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केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि आरोपपत्र राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक विशेष पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम कानून) अदालत में दायर किया गया है।

मामले में पहला आरोपपत्र मार्च 2018 में दायर किया गया था।

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जांच में पाया गया कि ‘‘जोशी ने जाली, गढ़े हुए दस्तावेज तैयार किये जिसके आधार पर उसने अपने पुत्र के इलाज पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति का दावा किया।

प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया, ‘‘इस तरह से उसने सरकार से 2.65 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।’’

निदेशालय ने कहा कि जोशी ने अपराध से अर्जित राशि का कुछ हिस्सा अपने पास रखकर कुछ राशि अन्य आरोपियों पालीवाल और कुमावत को हस्तांतरित कर दी।

इस मामले में एजेंसी ने आरोपी की करीब 1.13 करोड़ रुपये की सम्पत्ति कुर्क की है। एजेंसी ने कुछ वर्ष पहले जयपुर पुलिस की प्राथमिकी पर गौर करने के बाद मामले को संज्ञान में लिया था।

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