गरियाबंद, 28 सितंबर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में करंट लगने से एक हाथी की मौत हो गई।
गरियाबंद वन मंडल के वन मंडल अधिकारी मयंक अग्रवाल ने सोमवार को बताया कि जिले के धवलपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत पारागांव के करीब धान के खेत में हाथी का शव बरामद किया गया है।
अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को वन विभाग को पारागांव के करीब हाथी का शव मिलने की सूचना मिलने के बाद विभाग के दल को रवाना किया गया था। बाद में दल ने क्षेत्र से हाथी का शव बरामद कर लिया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में हाथी का शव बरामद किया गया है वहां पहले हाथियों की गतिविधियों की सूचना नहीं थी। जानकारी मिली है कि हाथियों का एक बड़ा समूह पिछले दिनों उड़ीसा से गरियाबंद जिले के उदंति-सीतापुर टाइगर रिजर्व की तरफ से गांव में आया था।
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वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि अभी तक की जांच में जानकारी मिली है कि खेत के ऊपर से 11 किलो वोल्ट की पावर ट्रांसमिशन लाइन है। इसके संपर्क में आने से हाथी की मृत्यु हुई है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले बिजली विभाग से शिकायत की थी कि खेतों के ऊपर कम उंचाई पर हाईटेंशन लाइन है। लेकिन विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
अग्रवाल ने बताया कि अभी तक हाथी की मृत्यु के पीछे बिजली विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। वन विभाग ने हाथी की मृत्यु के मामले में मामला दर्ज कराने का फैसला किया है। इस संबंध में दर्ज मामले के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि 11 केवी और 33 केवी के ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई पर्याप्त हो तथा तय ऊंचाई से कम न हो।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में इस महीने की 25 तारीख को करंट लगने से हाथी की मौत हो गई थी। इससे पहले 23 सितंबर को ऐसी ही घटना में एक अन्य हाथी की मौत हुई थी।
राज्य में पिछले चार माह के दौरान करंट लगने तथा अन्य कारणों से 11 हाथियों की मौत हो चुकी है।
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