देश की खबरें | महाकुंभ मेले में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रयास तेज

महाकुंभ नगर, 30 जनवरी मेला क्षेत्र में भगदड़ की घटना के एक दिन बाद प्रदेश सरकार ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास और तेज कर दिए। इस बीच, बृहस्पतिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आना जारी है।

मंगलवार देर रात हुई भगदड़ की घटना का यहां आ रहे श्रद्धालुओं पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा और वे मोक्ष पाने की अभिलाषा में स्नान घाट की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार के मुताबिक, बृहस्पतिवार को शाम चार बजे तक 1.77 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।

पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी), मेला, वैभव कृष्ण ने बृहस्पतिवार को कहा कि पुलिस आगामी बसंत पंचमी (तीन फरवरी) पर अमृत स्नान के लिए सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त में लगी है तथा भारी संख्या में लोगों के आने के अनुमान के बीच पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को भीड़ का दबाव अपेक्षाकृत कम हुआ है और सभी पुल फिर से खोल दिए गए हैं जिससे मेला क्षेत्र में आवागमन सुगम हो सके।

हालांकि, बसंत पंचमी के पूर्व बेहतर भीड़ प्रबंधन के लिए प्रमुख स्थानों पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

डीआईजी ने स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या की तरह आगामी अमृत स्नान पर भी विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) की आवाजाही पर रोक बनी रहेगी।

सुबह घने कोहरे के बाद दिन में धूप खिली और दिनभर लोगों का मेला क्षेत्र में आना जारी है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग लगातार विभिन्न घाटों की तरफ जाते हुए दिखाई दिए।

असम के गुवाहाटी से अपने परिवार के साथ आई गीता अग्रवाल ने ‘पीटीआई-’ को बताया, “मैं अपने बच्चों और पोते-पोतियों के साथ मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए आई थी, लेकिन भारी भीड़ की वजह से हम त्रिवेणी संगम पर नहीं पहुंच सके। आज हम फिर कोशिश करेंगे, लेकिन अगर विफल रहे तो दूसरे घाट पर स्नान करेंगे।

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