बरहमपुर/केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 12 मई ओडिशा चक्रवात ‘असानी’ के प्रभाव में आने से बेशक बच गया है लेकिन उसके कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मिट्टी का कटाव होने के कारण गंजाम तट पर रुशिकुल्या नदी के मुख पर ओलिव रिडले कछुओं के हजारों अंडे बह गए हैं। रुशिकुल्या नदी के मुख पर कछुए बड़े पैमाने पर अंडे देते हैं।
मंडलीय वन अधिकारी, बरहमपुर, अमलान नायक ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण ओडिशा के गंजाम जिले में पोडमपेट के समीप चक्रवात असानी के कारण नदी के मुख पर व्यापक पैमाने पर मिट्टी का कटाव अन्य समुद्र तटों के मुकाबले अधिक हुआ।
वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कटाव के कारण 28 मार्च से चार अप्रैल तक अंडे देने के लिए अनुकूल पांच किलोमीटर लंबे क्षेत्र में समुद्री कछुओं द्वारा दिए रिकॉर्ड 5.5 लाख अंडों में से करीब 15-20 प्रतिशत नष्ट हो गए होंगे।
बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने वाले नायक ने कहा कि वन विभाग 14 मई को होने वाली समीक्षा बैठक के बाद ही चक्रवात असानी के कारण गंवाए ओलिव रिडले कछुओं के अंडों की संख्या बता पाएगा।
उन्होंने कहा कि कई नष्ट अंडों को समुद्र तटों पर पड़े देखा गया, जो पिछले दो दिनों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण बहकर आए।
एक मादा ओलिव रिडले कछुआ अंडे देने के बाद उन्हें समुद्र तट पर मिट्टी के एक गड्ढे में दबा देती है।
पिछले साल अज्ञात वजहों के कारण रुशिकुल्या नदी के मुख पर कछुए अंडे नहीं दे सके थे।
गंजाम जिले के कछुआ सरंक्षण समिति के सचिव रवींद्रनाथ साहू ने कहा, ‘‘इस बार हमें कछुओं के और बच्चे देखने की उम्मीद थी क्योंकि रिकॉर्ड संख्या में मादा कुछओं ने अंडे दिए थे।’’
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