देश की खबरें | अंशकालिक नौकरी धोखाधड़ी मामले में ईडी ने छह कंपनियों एवं नौ व्यक्तियों के 6.47 करोड़ रुपये जब्त किये

नयी दिल्ली, 14 सितंबर प्रवर्तन निदेशालय ने कथित तौर पर चीनी व्यक्तियों से जुड़े अंशकालिक नौकरी धोखाधड़ी मामले में 6.47 करोड़ रुपये जब्त किए हैं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी के रूप में 71.3 लाख रुपये भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, कुछ चीनी व्यक्तियों ने मोबाइल ऐप 'कीपशेयरर' के माध्यम से कई लोगों को अंशकालिक नौकरी का वादा करके धोखा दिया था। यह ऐप एक निवेश एप्लिकेशन से जुड़ा हुआ था।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि जब्त किए गए 6.47 करोड़ रुपये छह कंपनियों और नौ लोगों से संबंधित हैं।

बयान में कहा गया है कि जिन कंपनियों से ये रुपये जुड़े हैं उनमें टोनिंगवर्ल्ड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, अंसोल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, रेड्रैकून सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एनर्जिको डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड, ब्रिज टेरा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, एशेंफॉलस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

इसमें कहा गया है कि इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी, इसी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामला दर्ज किया था। इसमें कहा गया है कि आरोपी चीनी नागरिकों ने देश में कंपनियां स्थापित कीं और इनमें भारतीयों की भर्ती निदेशक, अनुवादक, मानव संसाधन प्रबंधकों और टेलीकॉलर के रुप में की।

बयान में कहा गया है, ‘‘उन्होंने इस ऐप के जरिए निवेश के नाम पर जनता से पैसा इकट्ठा किया। युवाओं को मशहूर हस्तियों का वीडियो पसंद करने और उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करने का काम दिया गया था। कार्य पूरा होने पर, प्रति वीडियो 20 रुपये कीपशेयरर वॉलेट में जमा किए गए। बाद में, उन्होंने ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया।’’

घोटाले के माध्यम से एकत्र किया गया धन छह कंपनियों और नौ व्यक्तियों के बैंक खातों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया गया और फिर चीन स्थित क्रिप्टो एक्सचेंज में इन्हें स्थानांतरित कर दिया गया।

इसमें कहा गया है कि इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में शामिल 12 संस्थाओं में छापेमारी अभियान चलाया और धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 के तहत 5.85 करोड़ रुपये जब्त किए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)