नयी दिल्ली, 19 अगस्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के एक पूर्व सांसद के परिवार द्वारा प्रवर्तित महाराष्ट्र के आभूषण समूह और उसके मालिकों के खिलाफ धन शोधन मामले में तलाशी के बाद 24 करोड़ रुपये से अधिक के हीरे और सोने के जेवरात जब्त किए गए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने कहा कि यह मामला कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबद्ध है।
ईडी के मुताबिक, यह छापेमारी 17 अगस्त को राजमल लखीचंद ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड, आर एल गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, मनराज ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड और उनके प्रवर्तकों--राकांपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य ईश्वरलाल शंकरलाल जैन लालवानी (77), उनके परिवार के अन्य सदस्यों के जलगांव, नासिक और ठाणे स्थित 13 परिसरों पर की गई थी।
धन शोधन का मामला भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में 352 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण धोखाधड़ी के आरोप में आरोपियों के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज की गई तीन प्राथमिकी से उत्पन्न हुआ था।
ईडी ने कहा कि छापेमारी के दौरान राजमल लखीचंद समूह से संबंधित 60 संपत्तियों का विवरण एकत्र किया गया है, जिनकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक है,।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि इसके अलावा राजमल लखीचंद और मनीष जैन के स्वामित्व वाली दो ‘बेनामी’ संपत्तियां जामनेर, जलगांव के इलाकों में होने का पता चला है।
ईडी ने दावा किया कि उसे ‘‘मुख्य होल्डिंग कंपनी राजमल लखीचंद जलगांव साझेदारी फर्म के खातों में फर्जी खरीद-बिक्री लेनदेन जैसी कई विसंगतियां मिलीं।’’
इसने कहा, ‘‘तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और अपराध से अर्जित आय जब्त की गई, जिसमें 24.7 करोड़ रुपये मूल्य के 39.33 किलोग्राम सोने और हीरे के आभूषण और 1.11 करोड़ रुपये नकद शामिल हैं।"
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