आर्थिक पैकेज एक मजाक, पुरानी नीतियों को बढ़ावा देने वाला : वाम दल
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नयी दिल्ली, 13 मई वामपंथी पार्टियों ने बुधवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज एक मजाक है और यह न सिर्फ लोगों की चिंताओं को दूर करने में विफल रहा है, बल्कि यह, आर्थिक संकट पैदा करने वाली पुरानी नीतियों को बढ़ावा देने वाला है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार करोड़ों लोगों की मौजूदा तकलीफों को लेकर असंवेदनशील है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मोदी सरकार द्वारा घोषित तथाकथित पैकेज एक मजाक है। सड़कों पर पैदल जा रहे लोगों और दूसरे जरूरतमंद लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है लेकिन सरकार उनकी तकलीफों के लेकर संवेदनशील नहीं है।’’

येचुरी ने कहा कि लंबे समय से आर्थिक मदद की मांग कर रहे राज्यों को उनका बकाया भी नहीं दिया जा रहा है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से हमें उम्मीद थी कि कामकाजी वर्ग और प्रवासी मजदूरों को तत्काल राहत दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने बेरोजगारी और भूख के मुद्दों का निदान नहीं किया।’’

राजा ने दावा किया कि पैकेज के नाम पर वित्त मंत्री ने सिर्फ पिछले छह साल से चली आ रही सरकार की आर्थिक नीतियों का ही प्रचार-प्रसार किया है।

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