नयी दिल्ली, आठ अगस्त ई कॉमर्स कंपनियों के एक ही दिन में ग्राहकों को खाद्य और किराने के सामान की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लक्ष्य को देखते हुए शहर की सीमाओं में छोटे छोटे गोदामों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
परिसंपत्ति सलाहकार कोलियर्स इंटरनेशनल ने कहा कि यह मांग 5000-10,000 वर्ग फुट के आकार के भंडारण गृहों के लिए हो सकती है।
यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ED के ऑफिस पहुंचे.
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ई-कॉमर्स कंपनियां खाद्य और किराने की वस्तुओं के लिए ई-कॉमर्स पर अधिक निर्भरता रखते हुए महामारी प्रभावित लॉकडाउन के साथ उसी दिन डिलीवरी पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।’’
सलाहकार ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां अब दक्षता के लिए अपने ग्राहकों के स्थानों के करीब इन्वेंट्री का बड़ा हिस्सा स्टॉक करने और डिलीवरी पर उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने की कोशिश कर रही हैं।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: शानदार वेतन के साथ होगा अद्भुत करियर! फटाफट यहां से करें अप्लाई.
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘अगले 12 महीनों में, हम मानते हैं कि इन-सिटी वेयरहाउस ट्रैक्शन हासिल करेंगे, और छोटे डिस्ट्रीब्यूशन हब के रूप में इस्तेमाल में आयेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई और एनसीआर जैसे प्रमुख मांग वाले शहरों में इच्छुक लोग 5,000-10,000 वर्ग फीट के दायरे में इन-सिटी भंडारण क्षेत्र की खोज करेंगे।
अनारॉक के अध्यक्ष अनुज पुरी ने कहा कि कोविड-19 महामारी से पहले ही भारत में ई-कॉमर्स फल-फूल रहा था, और तालाबंदी और मॉल के बंद होने से इसमें तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि कई व्यवसाय अब ओमनी-चैनल व्यापार मॉडल को गंभीरता से ले रहे हैं और शहरों में अतिरिक्त गोदाम क्षमता बनाने की कोशिश में लगे हैं।
मुंबई स्थित स्टार्टअप पील-वर्क्स के संस्थापक सचिन छाबड़ा ने कहा बी 2 बी क्षेत्र में हमारी जैसी कंपनियों के लिए गोदामों से निकटता रखना, दूरस्थ स्टोरों को अपनी जगह और कार्यशील पूंजी को मुक्त रखने में मदद करता है।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY