ताजा खबरें | गतिशक्ति विधेयक तीन अंतिम रास

उन्होंने कहा कि यह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और ओड़िशा जैसे गैर-हिन्दी भाषी राज्यों के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।

उन्होंने इसका नाम बदलकर ‘‘इंडियन रेल ट्रांसपोर्ट यूनिवर्सिटी’’ करने की मांग की।

आम आदमी पार्टी के अशोक कुमार मित्तल ने भी विधेयक का समर्थन किया लेकिन साथ ही शिक्षा में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे संस्थानों के संसाधनों का इस्तेमाल शिक्षा के अन्य संस्थानों द्वारा किए जाने की वकालत की और भारतीय शिक्षण संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग बहुत कम होने पर चिंता जताई।

बीजू जनता दल के सुजीत कुमार ने भी विधेयक का स्वागत किया और कहा कि किसी को भी इससे आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

हालांकि, उन्होंने केंद्रीय विश्विवद्यालयों की स्थापना के मापदंडों पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि ओड़िशा जैसे राज्य में सिर्फ एक ही केंद्रीय विश्वविद्यालय है जबकि दिल्ली में सात, उत्तर प्रदेश में छह और बिहार में चार तथा तेलंगाना व मणिपुर जैसे राज्यों में तीन-तीन केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं।

ओड़िशा की 4.5 करोड़ जनसंख्या और उसमें भी 23 प्रतिशत आदिवासी आबादी का हवाला देते हुए सुजीत कुमार ने अपने गृह राज्य में और भी केंद्रीय विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग की।

उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में रिक्त पड़े पदों पर चिंता जताई और उन्हें जल्द से जल्द भरे जाने की मांग की।

उन्होंने गतिशक्ति केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक शाखा ओड़िशा में भी खोले जाने की मांग की।

वाईएसआर कांग्रेस के वी विजयसाई रेड्डी ने भी विधेयक का समर्थन किया लेकिन केंद्रीय विश्वविद्याालयों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 20,000 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने समयबद्ध तरीके से इन पदों को भरे जाने की मांग उठाई।

माकपा के वी शिवदासन ने शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के दाखिले के प्रतिशत पर चिंता जताई और कहा कि भारत में यह दर जहां 26 प्रतिशत हैं वहीं अमेरिका में 80 प्रतिशत, ब्रिटेन और अन्य देशों में 60 से 70 प्रतिशत है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चव्हाण ने विधेयक में कुछ खामियां गिनाईं और कहा कि आधे-अधूरे मन से वह इस विधेयक का समर्थन करती हैं।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अब्दुल वहाब ने कहा कि केरल में एक ही केंद्रीय विश्वविद्यालय है। उन्होंने केरल में और ज्यादा केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की मांग की।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम के एम थंबीदुरै ने भी द्रमुक की तर्ज पर विधेयक का नाम गतिशक्ति रखे जाने पर आपत्ति जताई।

बहुजन समाज पार्टी के राम जी ने भी विधेयक का समर्थन किया और मांग की केंद्रीय विश्वविद्यालयों में जनसंख्या के अनुपात में विभिन्न जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

तेलुगु देशम पार्टी के कनकमेदला रवींद्र कुमार ने विधेयक को सकारात्मक बताया और गतिशक्ति विश्वविद्यालय का एक केंद्र आंध्र प्रदेश में खोले जाने की मांग की।

समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने कहा कि कई सदस्यों ने गतिशक्ति विश्वविद्यालय अपने राज्यों में खोले में जाने की मांग की जो स्वाभाविक और जायज भी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से सांसद हैं, इसलिए अगर गतिशक्ति विश्विद्यालय को गुजरात के स्थान पर उत्तर प्रदेश में खोला जाता तो बेहतर होता।

ब्रजेन्द्र

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