नयी दिल्ली, 14 जून कृषि मंत्रालय ने उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) संशोधन नियम, 2021 की छठी अनुसूची के तहत जैव-उत्प्रेरक की विभिन्न श्रेणियों के पंजीकरण के लिए सक्षमता आंकड़े और परीक्षण रिपोर्ट जरूरी करने संबंधी मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं।
किसी भी जैव-उत्प्रेरक का उत्पादन या आयात करने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह ऐसे जैव-उत्प्रेरक को उर्वरक (अकार्बनिक, जैविक या मिश्रित) नियंत्रण (एफसीओ) संशोधन आदेश 2021 की अनुसूची छह के तहत सूचीबद्ध करे। इसे एफसीओ संशोधन आदेश भी कहा जाता है।
भारत जैव-उत्प्रेरक के लिए अलग नियम तय करने वाले कुछ चुनिंदा देशों में से एक है। वर्ष 2021 में सरकार ने एफसीओ संशोधन आदेश के जरिये जैव-उत्प्रेरक विनियमन को अधिसूचित किया। इस आदेश के अनुसार, जैव-उत्प्रेरक को पहले पंजीकृत होना होगा और बाजार में आने से पहले प्रभावकारिता साबित करनी होगी।
मंत्रालय के गत 12 जून को जारी मसौदा दिशानिर्देशों के मुताबिक, अंशधारकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जैव-उत्प्रेरक के पंजीकरण के लिए आवेदन के साथ जमा किया गया आंकड़ा प्रामाणिक, अनुकरणीय, उपयोग करने योग्य और अच्छी गुणवत्ता वाला हो। इस बार में संपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट भी पेश की जानी चाहिए।
जैव-उत्प्रेरक के पंजीकरण के लिए किए जाने वाले आवेदन में इस्तेमाल संबंधी आंकड़े और जानकारी शामिल होती है। इसके अलावा मनुष्यों और पर्यावरण के लिए जोखिम और उत्पाद की प्रभावकारिता का आकलन करने वाले आंकड़े भी देने होते हैं।
विनिर्माताओं को रसायन विज्ञान, जैव-प्रभावकारिता परीक्षणों और विषाक्तता से संबंधित आंकड़े भी जमा करने जरूरी हैं।
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