देश की खबरें | तमिलनाडु में सामाजिक न्याय पर टिप्पणी के लिए द्रमुक ने राज्यपाल रवि पर निशाना साधा

चेन्नई, 18 सितंबर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने राज्य में सामाजिक भेदभाव के संबंध में राज्यपाल आर. एन. रवि की टिप्पणी के लिए उन पर सोमवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह समावेशी विकास के उसके शासन मॉडल को पचा नहीं पा रहे।

रवि ने तंजावुर में रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि समाज में सामाजिक भेदभाव मौजूद है, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे यहां छुआछूत, सामाजिक भेदभाव विद्यमान है। भाइयों और बहनों के एक बड़े वर्ग के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता है। यह दुखद, अस्वीकार्य है। हिंदू धर्म ऐसा नहीं कहता है। हिंदू धर्म समानता की बात करता है।’’

राज्यपाल ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग कभी ऋषि होते थे जिन्होंने वेदों में योगदान दिया था। उन्होंने दावा किया, ‘‘उस समय कोई भेदभाव नहीं था और यह बाद में सामने आया।’’

उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक बुराई है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। रवि ने कहा कि संत रामानुजाचार्य ने अपना पूरा जीवन असमानता को खत्म करने के लिए समर्पित कर दिया।

राज्यपाल ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से तमिलनाडु में यह सामाजिक भेदभाव अभी भी कायम है। हर दिन मैं अखबार में पढ़ता हूं, मुझे रिपोर्ट मिलती है, मैं अनुसूचित जाति के हमारे भाइयों और बहनों की कहानी सुनता हूं जिन्हें मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह अजीब है। मैं हैरान, स्तब्ध हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यहां हमारे राज्य में, हमारे युवा जाति के बंधन में बंधे हुए हैं। यह कितना शर्मनाक है कि एक राज्य जो सामाजिक न्याय के बारे में इतनी बात करता है, जो सामाजिक न्याय के बारे में इतनी राजनीति करता है लेकिन वे जाति के नाम पर सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने में लोगों का शोषण कर रहे हैं।’’

उन्होंने वेंगईवायल जैसी घटनाओं की ओर इशारा किया, जहां स्थानीय अनुसूचित जाति के नागरिकों के लिए पानी की टंकी में ‘‘मानव मल’’ मिलाया गया था और तूतीकोरिन में एक और घटना हुई थी, जहां स्थानीय लोगों ने एक स्कूल में अपने बच्चों को अनुसूचित जाति समुदाय के रसोइये द्वारा तैयार भोजन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

रवि ने कहा कि तमिलनाडु में इस तरह का भेदभाव ‘‘रोजमर्रा का मामला है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है। इससे सामाजिक चेतना और सामाजिक सुधार के जरिये निपटा जाना चाहिए, वोट बैंक की राजनीति से नहीं।’’

राज्यपाल ने कहा कि ‘‘हिंदू धर्म को खत्म करने’’ की बात करने वालों का एजेंडा कुछ तत्वों के साथ मिलकर ‘‘देश को नष्ट करना और इसे कमजोर करना’’ है।

रवि पर पलटवार करते हुए द्रमुक के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ‘‘झूठे दुष्प्रचार में लगे हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह शासन के द्रविड़ मॉडल द्वारा हासिल की गई प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। वह द्रविड़ विचारधारा के खिलाफ हैं, सनातन विचारधारा का प्रचार करते हैं। वह जहां भी जाते हैं, सनातन धर्म का गुणगान करते हैं लेकिन इस जाति व्यवस्था के लिए सनातन धर्म जिम्मेदार है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे समाज में विभाजन है तो यह सनातन धर्म के कारण है।’’

अन्नादुरई ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि तमिलनाडु में जो समावेशी विकास हुआ है, वह कहीं और नहीं हुआ। यहां तक कि महिला उद्यमियों के साथ-साथ एससी/एसटी समुदायों की संख्या भी अन्य राज्यों की तुलना में उल्लेखनीय है।

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