देश की खबरें | कांग्रेस की तेलंगाना इकाई में अंदरूनी कलह सुलझाने के लिए दिग्विजय सिंह ने किया हस्तक्षेप

हैदराबाद, 20 दिसंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस की तेलंगाना इकाई में अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए दखल देते हुए वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध किया कि वे मंगलवार को प्रस्तावित बैठक टाल दें।

इन नेताओं की शिकायत है कि हाल में पार्टी में शामिल हुए नेताओं को “मूल नेताओं और कार्यकर्ताओं” के मुकाबले तवज्जो दी जा रही है।

पूर्व विधायक ए. महेश्वर रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि सिंह ने फोन किया और उन्हें सूचित किया कि वह वरिष्ठ नेताओं द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए शीघ्र ही हैदराबाद आएंगे।

सिंह के सुझाव के बाद वरिष्ठ नेताओं की आज प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी गई है।

महेश्वर रेड्डी ने सिंह को वरिष्ठ नेताओं से बात करने का काम सौंपने के एआईसीसी के फैसले का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त किया कि उनके हस्तक्षेप से मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के वरिष्ठ नेताओं की कोई मांग नहीं है और उनका नारा “कांग्रेस बचाओ” है।

यह पूछे जाने पर कि ‘कांग्रेस बचाओ’ की स्थिति क्यों पैदा हुई, उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता ‘‘समान न्याय और सामाजिक संतुलन’’ चाहते हैं।

तेलंगाना में कांग्रेस आंतरिक कलह से ग्रस्त है और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि जो लोग दूसरे दलों से कांग्रेस में आए, उन्हें पार्टी पदों पर प्रमुखता मिली। इसके विरोध में 10 से अधिक नेताओं ने अपने पीसीसी पदों से इस्तीफा दे दिया था।

रविवार को इस्तीफा देने वाले नेताओं में मौजूदा कांग्रेस विधायक दानसारी अनसूया (सीतक्का) और पूर्व विधायक वेम नरेंद्र रेड्डी शामिल हैं।

अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने शनिवार को कांग्रेस में शामिल हुए टीडीपी के कुछ पूर्व नेताओं के संदर्भ में कहा कि यदि अन्य दलों से कांग्रेस में “पलायन” करने वालों को प्रमुखता मिलेगी, तो इससे “मूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं” को क्या संदेश जाएगा।

मुनुगोडे विधानसभा क्षेत्र के हालिया उपचुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी की राज्य इकाई आंतरिक कलह का सामना कर रही है, क्योंकि पार्टी के कई नेताओं ने हाल ही में घोषित बड़ी पीसीसी समितियों पर असंतोष व्यक्त किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)