नयी दिल्ली, 14 जून विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने निर्यातकों और आयातकों को ‘जाली’ वेबसाइट और मंचों से आगाह किया है। ये वेबसाइट कथित रूप से शुल्क वसूल रही हैं और उनके गोपनीय आंकड़ों का संग्रहण कर रही हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डीजीएफटी ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व डीजीएफटी की आधिकारिक वेबसाइट और ई-मेल जैसी कई वेबसाइटों और ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिये वे निर्यातकों और आयातकों को चूना लगा रहे हैं।
डीजीएफटी ने एक व्यापार नोटिस में कहा, ‘‘इस तरह के मुद्दों पर काबू के लिए व्यापार क्षेत्र के अंशधारकों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह की वेबसाइटों और मंचों पर नहीं जाएं। इसके अलावा उन्हें सलाह दी जाती है कि वे किसी तरह की सूचना साझा नहीं करें और ऐसे मंचों पर भुगतान नहीं करें।’’
इसके अलावा डीजीएफटी ने अंशधारकों के साथ सुरक्षित तरीके से संपर्क के लिए प्रणालीगत बदलावों के लिए भी कदम उठाए हैं।
इन जाली वेबसाइट और ई-मेल के जरिये अंशधारकों को बताया जा रहा है कि वे डीजीएफटी के रिफंड से जुड़े अधिकारी हैं। साथ ही फर्जी वेबसाइटों द्वारा आयात और निर्यात कोड (आईईसी) नंबर सेवा उप़लब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।
अजय
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