नयी दिल्ली, चार नवंबर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान चालक दल के सदस्यों के सेवा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसमें पायलटों के आराम के लिए अधिक समय सहित चालक दल के सदस्यों की सेवा अवधि को नियंत्रित करने वाले मानदंडों में कई बदलावों की बात कही गई है।
हाल के दिनों में पायलटों के बीच थकान का मुद्दा सामने आया है। इंडिगो का एक पायलट नागपुर हवाई अड्डे पर गिर गया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।
डीजीसीए ने रात में उड़ान संचालित करने वाले पायलटों के लिए लगातार 48 घंटे के साप्ताहिक आराम और उड़ान ड्यूटी की अवधि को 10 घंटे कम करने का प्रस्ताव रखा है।
मसौदा मानदंडों के अनुसार अनुसूचित एयरलाइनों के संचालन प्रमुखों को पिछली तिमाही के दौरान प्राप्त थकान रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई के बारे में डीजीसीए को एक त्रैमासिक रिपोर्ट देनी होगी।
इसमें कहा गया, “परिचालक यह सुनिश्चित करेंगे कि दो स्थानीय रातों सहित लगातार 48 घंटों का न्यूनतम साप्ताहिक आराम दिया जाए, ताकि एक साप्ताहिक आराम अवधि के अंत और अगली आराम अवधि की शुरुआत के बीच अंतर कभी भी 168 घंटे से अधिक न हो।” फिलहाल आराम की अवधि 36 घंटे है।
इस मसौदा प्रस्ताव पर चार दिसंबर तक टिप्पणियां मांगी गई हैं।
भारत सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है। विमानन कंपनियों ने अपने परिचालन का विस्तार करने के लिए बड़े विमान ऑर्डर दिए हैं, जिससे आने वाले समय में पायलटों की मांग बढ़ेगी।
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