मुंबई, 29 जुलाई विमानन सुरक्षा नियामक नागर विमानन महानिदेशालय को टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया से संबंधित लगभग 100 उल्लंघनों और निष्कर्षों का पता चला है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उक्त उल्लंघन और निष्कर्ष प्रशिक्षण, चालक दल के आराम और कार्य अवधि के मानदंडों, तथा हवाई क्षेत्र योग्यता सहित अन्य मुद्दों से संबंधित हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से सात स्तर-1 के उल्लंघन हैं, जिन्हें गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है और एयरलाइन को इन पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की जरूरत होती है।
एयर इंडिया ने एक बयान में निष्कर्षों के मिलने की पुष्टि की और कहा कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर डीजीसीए को अपना जवाब देगी।
ऑडिट के निष्कर्ष ऐसे समय में आए हैं, जब 12 जून को हुए विमान हादसे के बाद नियामक एयरलाइन की गहन जांच कर रही है।
एयर इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘सभी एयरलाइन कंपनियां प्रक्रियाओं के परीक्षण और निरंतर सुदृढ़ीकरण करने के लिए नियमित ऑडिट से गुजरती हैं। एयर इंडिया का वार्षिक डीजीसीए ऑडिट जुलाई में हुआ था, जिसके दौरान लगातार सुधार की भावना से ऑडिट करने वालों के साथ पूरी पारदर्शिता बरती गई थी।’’
एयरलाइन ने कहा, ‘‘हमें निष्कर्षों के मिलने की सूचना है और हम तय समयसीमा के भीतर नियामक को अपना जवाब देंगे। साथ ही किए गए सुधारात्मक कार्यों का ब्योरा भी देंगे। एयर इंडिया अपने यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’’
सूत्रों ने कहा, ‘‘ऑडिट रिपोर्ट में प्रशिक्षण, चालक दल के आराम और कार्य अवधि के मानदंडों, प्रशिक्षण, अपर्याप्त चालक दल को पूरा करना और हवाई क्षेत्र योग्यता आदि से संबंधित कुल 100 उल्लंघन और निष्कर्ष हैं।’’
नियामक ने इससे पहले 21 जून को एयर इंडिया को गंभीर उल्लंघनों के लिए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया था।
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