नयी दिल्ली, 27 जून सरकार ने देश को क्रूज पर्यटन का पसंदीदा स्थल बनाने के लिए भारत के नौवहन क्षेत्र में लाइटहाउस, समुद्री किनारों, नदी तटों जैसी संपदाओं के उन्नयन तथा घरेलू तटीय पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में क्रूज पर्यटन आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर देने का निर्णय किया है।
पर्यटन मंत्रालय द्वारा तैयार क्रूज पर्यटन के लिए राष्ट्रीय रणनीति के मसौदे में यह बात कही गई है।
इसमें कहा गया है कि पर्यटन मंत्रालय क्रूज पर्यटन को बढ़ावा के लिए पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय एवं अन्य पक्षकारों के साथ मिलकर नये क्रूज पोर्ट टर्मिनल का उन्नयन, निर्माण एवं आधुनिकीकरण के साथ साथ गहरे सागरीय क्रूज, तटीय क्रूज, नदी क्रूज के लिए आधारभूत ढांचे का विकास करने की क्षमता की पहचान करेगा।
मसौदे के अनुसार, राज्यों के तटवर्ती क्षेत्रों एवं विभिन्न नदियों के तटों पर वर्तमान नदी टर्मिनल और बंदरगाहों की पहचान की जायेगी जिसका उपयोग अतिरिक्त क्रूज आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। इसके तहत घरेलू तटीय पर्यटन के उद्देश्य से पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटीय क्षेत्रों पर धरोहर एवं ऐतिहासिक धर्म स्थलों सहित विभिन्न पर्यटन खंडों की पहचान की जायेगी।
मसौदा दस्तावेज में कहा गया है कि नदियों एवं तटीय क्षेत्रों में धरोहर तथा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक परिसम्पत्तियों की पहचान करना तथा धार्मिक यात्रा, सांस्कृतिक एवं तटीय क्षेत्रों की यात्रा, व्यंजन एवं त्योहार संबंधी यात्रा और आयुर्वेदिक एवं आध्यात्मिक उपचार से जुड़ी यात्रा के विकास पर जोर दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि नदी एवं तटीय क्रूज पर्यटन आधारभूत ढांचे के साथ इन यात्राओं एवं पर्यटन खंडों को जोड़ा जा सकता है। इसमें नदी या तटीय क्रूज के साथ लक्जरी ट्रेन यात्राओं को जोड़ने और इसके माध्यम से यात्रियों को पर्यटन स्थलों का अनोखा एवं निर्बाध अनुभव प्रदान करने का सुझाव दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि भारत में तटीय एवं नदी क्षेत्रों में क्रूज पर्यटन की काफी क्षमताएं हैं। इसका कारण यह है कि पश्चिम से पूर्वी तटों सहित 75,000 किलोमीटर लम्बी तटरेखा पर 12 बड़े और 200 छोटे बंदरगाह है।
क्रूज पर्यटन की मसौदा रणनीति दस्तावेज में कहा गया है कि तटीय क्रूज के विकास के संदर्भ में पर्यटन मंत्रालय और राज्य और अंतर राज्यीय तटीय क्रूज पोतों की संख्या बढ़ाने, पश्चिमी एवं पूर्वी तटीय इलाकों पर तटीय क्रूज सुविधा की पेशकश करने के लिए बंदरगाहों की संख्या बढ़ायेंगे।
इसमें तटीय क्रूज यात्राओं के माध्यम से धरोहर, ऐतिहासिक एवं धार्मिक एवं प्राकृतिक खूबसूरती से जुड़े शहरों एवं स्थलों की संख्या बढ़ाने तथा रात को रूकने वाले तटीय क्रूज पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
मसौदे में समुद्री क्रूज के विकास को लेकर कहा गया है कि पर्यटन मंत्रालय पोत प्राधिकार एवं राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर वर्ष भर के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल के विकास को गति प्रदान करेगा।
इसमें कहा गया है कि पर्यटन मंत्रालय समन्वय पर ध्यान देगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय तटों से लगे अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से सैकड़ों यात्रियों के साथ गुजरने वाले बड़े क्रूज जहाज भारत के पश्चिमी एवं पूर्वी बंदरगाहों पर भी आएं।
मसौदे में समुद्री क्रूज पर्यटन के विकास के लिए 1000 विश्वस्तरीय पोतों को जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रीत करने की बात कही गई है। इसमें यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन क्रूज टर्मिनलों का विकास पारिवारिक मनोरंजन स्थलों के रूप में किया जाए जहां लोग आमोद प्रमोद के साथ छुट्टियां बिता सकें और उन्हें सभी तरह की आतिथ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।
इसमें यह भी कहा गया है कि समुद्री क्रूज पर्यटन के विकास में यह ध्यान रखना चाहिए कि गहरे सागरीय बंदरगाहों पर सभी मौसमों एवं वर्ष में सभी दिन परिचालन की सुविधा हो।
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