जरुरी जानकारी | वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद इस्पात की मांग बढ़ती रहेगी: टाटा संस चेयरमैन

जमशेदपुर, तीन मार्च टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद इस्पात की मांग बढ़ेगी।

चंद्रशेखरन ने टाटा स्टील के संस्थापक जे एन टाटा की 186वीं जयंती पर आयोजित समारोह में कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘‘इस्पात की मांग बढ़ती रहेगी और ऐसी स्थिति का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका दक्षता और लागत प्रबंधन के साथ तैयार रहना और उत्पादकता बढ़ाना है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए सरकार, उसकी नीतियों, कर्मचारियों और श्रमिक संघों की मदद की जरूरत होगी।

चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘प्रबंधन को विस्तार करने, दक्षता बनाए रखने, लागत प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए साहसी होना होगा। साथ ही जमशेदपुर सहित निवेश जारी रखने का भरोसा देना होगा।’’

शुल्क वृद्धि पर जारी बहस के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि ‘‘कीमत/ शुल्क क्या होगा, इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। हमें अपनी उत्पादकता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।’’

शुल्क सरकार द्वारा लगाए और वसूले जाते हैं और विदेशी सामान को देश में लाने के लिए कंपनियां इसका भुगतान करती हैं।

सेमीकंडक्टर उद्योग पर टिप्पणी करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनियों की चिप पर निर्भरता बढ़ेगी, जो इलेक्ट्रॉनिक, स्वास्थ्य सेवा, रक्षा और एयरोस्पेस सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना होगा और टाटा समूह ने सेमी-कंडक्टर संयंत्र स्थापित करने के लिए असम और गुजरात में निवेश किया है।’’

इससे पहले, चंद्रशेखरन ने टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन और कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी कौशिक चटर्जी के साथ जे एन टाटा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी।

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