नयी दिल्ली, 16 जून उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि आधुनिक शैली के जीवन में अलगाव की भावना और उदासीनता के कारण अवसाद जन्म लेता है।
उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में एक दूसरे से अपनी बात कहने और परवाह करने का चलन था जो अब नहीं रहा।
पुराने दिनों को याद कर अपने अनुभव साझा करते हुए नायडू ने कहा कि उस समय जीवन मजबूत सामाजिक रिश्तों से बंधा था और इसलिए अकेलेपन का कोई कारण नहीं था।
उन्होंने कहा कि पुराने दिनों में सुख दुख साझा करने का चलन था।
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नायडू ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति और परिवार एक दूसरे के लिए ताकत और सहारे का स्रोत हुआ करता था।
पुराने समय के जीवन और आज की जीवनशैली की तुलना करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा, “आधुनिक जीवन में पृथकता, अकेलापन और अलगाव भरा हुआ है जिसके परिणाम स्वरूप अवसाद जन्म लेता है। आज के समय में पुराने दौर की बात नहीं रह गई है।”
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