नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली के सभी नगर निकायों को घरों में मच्छरों के लार्वा के प्रजनन की जांच के लिए डेंगू नियंत्रण कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजने के लिए कहा गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सोमवार को जारी नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में पिछले सप्ताह डेंगू के 105 ताजा मामले सामने आए हैं, जिससे मरीजों की कुल संख्या लगभग 350 हो गई है।
भारद्वाज ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, “हमने अस्पतालों में (डेंगू रोगियों के लिए) पांच प्रतिशत बिस्तर आरक्षित किए हैं। हमने अस्पतालों से कहा है कि वे इसके लिए विशेष इंतजाम करें। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली छावनी बोर्ड, एनडीएमसी (नई दिल्ली नगरपालिका परिषद) को प्रजनन (लार्वा के) की जांच के लिए जांचकर्ताओं को घर-घर भेजने के लिए कहा गया है।”
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा, “हम जागरूकता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जिस विज्ञापन के बारे में हमने विभाग को बताया था, वह जानबूझकर जारी नहीं किया गया है”।
उन्होंने आरोप लगाया, “मुझे लगता है कि यह भी एक साजिश है, ताकि लोगों में जागरूकता न फैले और वे इससे पीड़ित व प्रभावित होते रहें। लगातार कहने के बावजूद अखबारों और टीवी पर विज्ञापन जारी नहीं किये जा रहे हैं। 10 हफ्ते-10 बजे-10 मिनट अभियान दोबारा शुरू नहीं किया जा रहा है।”
भारद्वाज ने दावा किया कि अधिकारी “साजिश” क्यों कर रहे हैं और उनके खिलाफ “कोई कार्रवाई” क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सेवा विधेयक के कारण दिल्ली के लोगों को जो “सबसे बड़ा नुकसान” हुआ है, वह यही है।
दिल्ली सेवा विधेयक को सोमवार को राज्यसभा द्वारा उस विवादास्पद उपाय के पारित होने के बाद संसदीय मंजूरी मिल गई, जो केंद्र को राष्ट्रीय राजधानी में नौकरशाही पर नियंत्रण देगा।
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