Delhi Air Pollutions: दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में, दिवाली से पहले हवा के सुधरने की उम्मीद
दिल्ली की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि मौसम संबंधी स्थितियां थोड़ी अनुकूल होने की संभावना है, जिससे दिवाली से पहले हवा में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है.
नयी दिल्ली, नौ नवंबर: दिल्ली की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि मौसम संबंधी स्थितियां थोड़ी अनुकूल होने की संभावना है, जिससे दिवाली से पहले हवा में थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है. शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) प्रतिदिन शाम चार बजे दर्ज किया जाता है, जो बृहस्पतिवार को 437 था, जबकि यह बुधवार को 426 था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तैयार किए गए एक्यूआई मानचित्र में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कई जगहों पर लाल बिंदू (खतरनाक वायु गुणवत्ता का संकेत) दिखाए गए हैं. Artificial Rain: कैसे करवाई जाती है नकली बारिश, हवा का रुख बदलते ही दिल्ली की बजाय मेरठ में हो जाएगी वर्षा!
पड़ोसी गाजियाबाद (391), गुरुग्राम (404), नोएडा (394), ग्रेटर नोएडा (439) और फरीदाबाद (410) में भी हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रही. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों के मुताबिक, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की तरफ बदलने से भारत के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में पराली जलाने से निकलने वाले धुएं के योगदान को कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, हवा की धीमी गति इस प्रक्रिया पर विपरीत असर डालेगी.
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की गति मौजूदा समय में लगभग पांच से छह किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 11 नवंबर को लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे दिवाली से पहले प्रदूषक तत्वों के तितर-बितर होने में मदद मिलेगी.
दिल्ली के ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को 38 फीसदी प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था. बृहस्पतिवार को शहर में प्रदूषण के स्तर में पराली जलाने की घटनाओं का योगदान 27 फीसदी रहा, जबकि शुक्रवार को इसके 12 फीसदी रहने की संभावना है.
आंकड़ों में परिवहन को भी वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया है, जो दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा में 12 से 14 फीसदी का योगदान दे रहा है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार दिल्ली में ऐप आधारित टैक्सियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 450 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. एक्यूआई के 450 से ऊपर हो जाने पर इसे 'अति गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 09, 2023 10:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

